...तो NCP-SP अपने दम पर लड़ेगी चुनाव, बैठक में हो गया फैसला, पदाधिकारियों ने जताया रोष

Maharashtra Local Body Elections: एनसीपी-एसपी ने कार्यकारिणी बैठक में तय किया कि स्थानीय निकाय चुनाव में पार्टी किसके साथ लड़ने जा रही है।
Maharashtra Local Body Elections: एनसीपी-एसपी ने कार्यकारिणी बैठक में तय किया कि स्थानीय निकाय चुनाव में पार्टी किसके साथ लड़ने जा रही है।
कार्यकारिणी की बैठक (सौजन्य-नवभारत)
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Nagpur News: स्थानीय निकाय चुनावों में अगर महाविकास आघाड़ी में शामिल कांग्रेस के साथ चर्चा में सम्मानजनक सीटें नहीं मिलीं तो राष्ट्रवादी कांग्रेस शरद पवार पार्टी अपने दम पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी। जिला कार्यकारिणी की रविभवन में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।

पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की उपस्थिति में जिलाध्यक्ष प्रवीण कुंटे की अध्यक्षता में स्थानीय निकाय चुनाव के संदर्भ में बैठक हुई। तय किया गया कि मनपा, जिला परिषद, नगर परिषद, नगर पंचायत, पंचायत समितियों के चुनावों में अगर सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस के साथ नहीं बन पायी तो फिर सामाजिक संगठनों व समविचारी पार्टियों के साथ के चर्चा की जाएगी।

पदाधिकारियों ने इस बात पर रोष जताया

इसके लिए कुंटे व सलिल देशमुख को जिम्मेदारी दी गई है। पदाधिकारियों ने इस बात पर रोष जताया कि राकां हमेशा गठबंधन धर्म का पालन करती है लेकिन कांग्रेस नहीं करती। 20 अक्टूबर से चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन मांगे जाएंगे।

तहसील निहाय बैठकों के नियोजन करने का निर्णय भी लिया गया। पूर्व मंत्री रमेशचंद्र बंग, विजय घोडमारे, प्रकाश गजभिये, किशोर बेलसरे, किशोर गजभिये, शेखर कोल्हे, अविनाश गोतमारे, वैशाली टालाटुले, रश्मि आरघोडे सहित पदाधिकारी उपस्थित थे।

नगर परिषद का नया परिसीमन मनमाना

हाई कोर्ट में गोंदिया नगर परिषद के आगामी 2025 चुनावों के लिए किए गए नये वार्ड गठन को चुनौती देते हुए 2 अलग-अलग रिट याचिकाएं दायर की गईं। गुरुवार को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता विशाल अग्रवाल और याचिकाकर्ता शकील हामिद मंसूरी ने महाराष्ट्र राज्य (शहरी विकास विभाग), गोंदिया नगर परिषद, गोंदिया कलेक्टर और राज्य चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए आदेश और अधिसूचनाओं को रद्द करने की मांग की है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधि. आरएल खापरे, वरिष्ठ अधि. अक्षय नाईक और नगर परिषद की ओर से अधि. महेश धात्रक ने पैरवी की। याचिका में दावा किया गया है कि नये प्रस्तावित वार्ड गठन की कोई अनिवार्य आवश्यकता नहीं थी क्योंकि वार्ड गठन पहले ही 9 जून 2022 को पूरा कर लिया गया था और आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित किया गया था जिसमें 22 वार्डों का परिसीमन किया गया था।

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