

Nagpur News: मंगलवार को मनपा मुख्यालय में उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब राष्ट्रवादी कांग्रेस के अजित पवार गुट की स्थानीय इकाई ने मनपा में ‘भीख मांगो’ आंदोलन किया। हालांकि इन आंदोलनकर्ताओं को मुख्य गेट के बाहर ही रोकने का प्रयास तो किया गया किंतु राज्य में सत्तापक्ष में शामिल होने के कारण पुलिस ने उन्हें मुख्य इमारत के भीतर आंदोलन करने की राह आसान कर दी।
शहर अध्यक्ष प्रशांत पवार के नेतृत्व में हुए आंदोलन में मनपा के परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाया गया। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग अंतर्गत ट्रैवल टाइम कंपनी द्वारा जिन बसों का संचालन किया जाता है वह अपने कर्मचारियों का पीएफ रोक रही है। आलम यह है कि कंपनी की ओर से वर्ष 2019 से पीएफ अदा नहीं किया गया है। ऐसे में कंपनी को तुरंत प्रभाव से बकाया अदा करने का आदेश देने की मांग मनपा आयुक्त से की गई।
पवार ने आरोप लगाया कि मनपा ने अपनी जिम्मेदारी निजी कंपनियों पर सौंप दी है जिसका हश्र यह है कि अब निजी कंपनियों की मनमानी जारी है। आपली बस में निजी कंपनियों के भरोसे ही संचालन हो रहा है। इसमें लंबे समय से ट्रैवल टाइम कंपनी द्वारा भी कुछ रूट्स पर संचालन किया जा रहा है किंतु वर्ष 2019 से कंपनी ने चालक और कंडक्टरों का करोड़ों का पीएफ जमा नहीं किया है। इससे कंपनी के लोगों को अचानक नौकरी छूटने पर पीएफ का निधि निकालने की सुविधा भी नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार कर्मचारियों को वेतन के साथ अवकाश भी देना चाहिए। किंतु कंपनी इस नियम का भी पालन नहीं कर रही है।
विरोध प्रदर्शन में एनसीपी वर्कर्स फ्रंट के कार्यकारी अध्यक्ष विवेक वानखेड़े, राहुल कांबले, विश्वजीत तिवारी, मिलिंद महादेवकर, भारती गायधने, अनीता वर्मा, सोनू खरे, निलिकेश कोल्हे, आपली बस के कर्मचारी रूपेश पडोले, राकेश गोसेकर, चंद्रशेखर गजभिये, रूपेश निकोसे, सुरेंद्र मानकर, प्रकाश कोरामकर आदि उपस्थित थे।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस ट्रेड यूनियन का 61वां वर्धापन दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। इस दौरान डॉ. बाबासाहब आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। प्रदेश उपाध्यक्ष जीतू मस्ते, शहराध्यक्ष जयंत गौतम, महिला शहराध्यक्ष पूर्णिमा शेंडे ने सफाई कामगारों के हितों के लिए सतत संघर्ष जारी रखने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
मनपा सफाई कर्मी प्रीति मंगेश तोमस्कर के हाथों केक काटकर संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर तुलसीदास गौतम, हीरालाल ब्राम्हणे, रोहित समुन्द्रे, प्रकाश शुक्कलवारे, सुशील चमके, अशोक गोईकर, रिषभ समुद्रे, रंजीत समुद्रे, ईश्वर मोरे, करण शेंडे, जितेश जनवारे, अरुण खिचर, पूजा लुडेरकर, रंजना गणवीर, दीपा गोईकर, उषा उपरे आदि उपस्थित थे।