Nagpur News: काटे गए 5,000 अवैध नल कनेक्शन, मनपा की तिजोरी को भारी नुकसान

Nagpur Municipal Corporation: 5,000 के करीब अवैध नल कनेक्शन उजागर हुए जिसके बाद मनपा और ओसीडब्ल्यू ने इन अवैध नल कनेक्शन को लेकर कार्रवाई की।
काटे गए 5,000 अवैध नल कनेक्शन
काटे गए 5,000 अवैध नल कनेक्शन (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Nagpur News: सिटी की जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार करने के लिए भले ही कई कदम उठाए जा रहे हों लेकिन कहीं पर पानी के प्रेशर या फिर अपर्याप्त जलापूर्ति की शिकायतें लगातार उजागर हो रही थीं। उपभोक्ताओं की संख्या के आधार पर टंकियों से पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने के बाद भी लगातार मिल रहीं शिकायतों के कारण मनपा और ओसीडब्ल्यू ने अवैध नल कनेक्शन को लेकर अभियान छेड़ा।

सिटी के सभी 10 जोन में गत कुछ माह से चल रहे अभियान का आलम यह रहा कि 5,000 के करीब अवैध नल कनेक्शन उजागर हुए जिसके बाद मनपा और ओसीडब्ल्यू ने इन अवैध नल कनेक्शन को लेकर कार्रवाई की। बताया जाता है कि अवैध नल कनेक्शन के कारण जहां सुचारु जलापूर्ति पर असर पड़ रहा था वहीं मनपा की तिजोरी को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा था।

धंतोली जोन भी पीछे नहीं

मनपा और ओसीडब्ल्यू ने सिटी में पानी की चोरी और अनधिकृत कनेक्शन पर अंकुश लगाने के लिए प्रयास तेज कर दिए। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 31 जुलाई 2025 से लगातार अवैध कनेक्शन काटने की मुहिम ही छेड़ दी गई। यहां तक कि पुलिस की मदद लेकर मनपा और ओसीडब्ल्यू ने संयुक्त उपक्रम चलाया गया।

सभी जोन में अभियान

जिसका हश्र यह हुआ कि आसीनगर जोन में सर्वाधिक 1,003 अवैध नल कनेक्शन उजागर होने के बाद उन्हें काट दिया गया। आश्चर्यजनक यह रहा कि धंतोली जोन जैसा इलाका भी अवैध नल कनेक्शन में पीछे नहीं है। धंतोली जोन में भी 470 अवैध नल कनेक्शन पाए गए। इसी तरह से नेहरूनगर जोन में भी 388 अवैध नल कनेक्शन उजागर होने के बाद इन्हें काट दिया गया।

इस तरह हुई कार्रवाई

  • टैपिंग से पहले मीटर : 362
  • अवैध कनेक्शन : 2,566
  • अवैध रूप से पुनः कनेक्ट : 204
  • डबल कनेक्शन : 1,642

पारडी में एक ही जगह मिले 7 अवैध कनेक्शन

आश्चर्यजनक यह रहा कि लकड़गंज जोन अंतर्गत पारडी कमांड एरिया में उस समय जांच टीम के होश उड़ गए जब खुदाई में एक ही स्थान पर 7 अवैध नल कनेक्शन उजागर हुए। कुछ ही अंतर पर एकसाथ अवैध रूप से 7 नल कनेक्शन जोड़े गए थे जिसकी वजह से इस परिसर में पर्याप्त जलापूर्ति के बावजूद लोगों को सीमित पेयजल मिल रहा था। यहां तक कि दूषित जलापूर्ति होने की शिकायतें भी आ रही थीं, जबकि लोगों को समान और शुद्ध पेयजल वितरण के लिए कई उपाय किए जा रहे थे। अंतत: अवैध नल कनेक्शन उजागर होने के बाद तोड़ू कार्रवाई की गई।

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