नाना पटोले (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Nana Patole Warning Maharashtra Politics: बारामती विधानसभा उपचुनाव में सुनेत्रा पवार के खिलाफ कांग्रेस ने उम्मीदवार उतारा है जिससे महाविकास आघाड़ी में मतभेद उभरकर सामने आ रहा है। उद्धव ठाकरे शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ ने अपनी संपादकीय में कांग्रेस पर संकुचित होने की टिप्पणी की है जिससे पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नाना पटोले का पारा चढ़ गया है।
उन्होंने उद्धव ठाकरे सेना व शरद पवार की राकां को सीधी चेतावनी दी है कि मुझे बोलने को मजबूर मत करो अन्यथा वर्ष भर की पूरी घटना सार्वजनिक कर देंगे। दरअसल ‘सामना’ ने कांग्रेस की भूमिका को संकुचित बताया है जिस पर पटोले ने कहा कि कोई जानबूझकर कांग्रेस को बार-बार बदनाम करने का प्रयास कर रहा हो तो मैं शांत नहीं बैठूंगा।
कांग्रेस हमेशा सहयोगियों को साथ लेकर चलने का प्रयास करती है लेकिन अगर कोई हमारे ‘आंग’ पर आएगा तो परिणाम की चिंता न करते हुए सारी सच्चाई सामने ला देंगे। वे नागपुर में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। नाना पटोले (Nana Patole) ने मविआ सरकार के समय के अपने पुराने जख्मों को कुरेद दिया।
उन्होंने कहा कि महाविकास आघाड़ी की सरकार वर्षभर होते हुए भी विस अध्यक्ष बनने नहीं दिया। कौन किसके दबाव में था? किसके आदेश से अध्यक्ष पद की नियुक्ति रोकी गई थी? ऐसे सवाल उन्होंने ठाकरे व शरद पवार पर दागे। उस समय पटोले के इस्तीफा के बाद वर्षभर पद रिक्त था और सरकार गिरने का वही कारण होने का आरोप सतत किया जाता है।
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संजय राउत की ओर से होने वाली टीका-टिप्पणी पर नाना पटोले (Nana Patole) ने कहा कि सहयोगी पार्टी को नीचा दिखाने की आदत लग गई है। आज किसान और बेमौसमी बारिश की समस्या महत्वपूर्ण है, इसलिए मैं चुप हूं। अगर मर्यादा का उल्लंघन किया गया तो आलाकमान की इजाजत लेकर मैं सभी प्रकरणों का पर्दाफाश करूंगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि संकुचित भूमिका किसकी है यह उजागर करने की नौबत न आने दें तो ही अच्छा होगा। 2 दिन पूर्व पटोले ने बारामती चुनाव निर्विरोध करने की अपील की थी लेकिन आलाकमान का निर्णय आने पर इस विषय पर बोलने से उन्होंने इनकार कर दिया।