

Nana Patole Viral Video: महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया विवाद उस समय खड़ा हो गया जब कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा।
इस वीडियो में कांग्रेस कार्यकर्ता भक्ति भाव में डूबे हुए अपने नेता यानी विधायक नाना पटोले के पैर दूध से धोते हुए नजर आ रहे हैं। इस दृश्य के सामने आने के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं और नाना पटोले की जमकर आलोचना हो रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह वायरल वीडियो गुरु पूर्णिमा के अवसर का बताया जा रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि नाना पटोले एक ऊंचे स्थान पर बैठे हैं और उनके समर्थक बर्तन में दूध लेकर उनके चरणों का अभिषेक कर रहे हैं।
जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर फैला, नेटिजन्स ने इसे सामंती मानसिकता का प्रतीक बताते हुए सवाल उठाने शुरू कर दिए। हालांकि, अभी तक इस पूरे प्रकरण पर नाना पटोले या कांग्रेस पार्टी की तरफ से कोई आधिकारिक सफाई या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यह पहली बार नहीं है जब नाना पटोले अपने किसी कृत्य या बयान की वजह से चर्चा में आए हों। इससे पहले भी वे कई बार अपने विवादित बयानों से पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर चुके हैं।
कुछ समय पहले नाना पटोले ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तुलना भगवान श्री राम से कर दी थी, जिसे लेकर काफी बवाल मचा था। उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी भी उसी तरह शोषितों और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए काम कर रहे हैं जैसे भगवान राम ने किया था।
नाना पटोले को पूर्व में एक दिन के लिए महाराष्ट्र विधानसभा से निलंबित भी किया जा चुका है। इसके अलावा उन्होंने शिवसेना UBT में हुई टूट को ऑपरेशन टाइगर के बजाय ऑपरेशन गीदड़ करार दिया था, जिस पर विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति जताई थी।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ यूजर्स का कहना है कि एक तरफ आम आदमी महंगाई और बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ राजनेताओं का इस तरह अभिषेक कराना लोकतंत्र के लिए सही संदेश नहीं है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के वीडियो न केवल नेता की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि पार्टी के लिए भी असहज स्थिति पैदा कर देते हैं। अब देखना यह होगा कि इस बढ़ते विवाद के बीच नाना पटोले अपनी चुप्पी तोड़ते हैं या यह मामला आने वाले चुनावों में विपक्ष के लिए एक बड़ा हथियार साबित होगा।