खरमास खत्म, शहनाइयों की गूंज, नागपुर में शादी सीजन चरम पर; 10 दिनों में सैकड़ों विवाह

Nagpur Wedding Season: नागपुर में खरमास खत्म होते ही शादी सीजन ने रफ्तार पकड़ ली। 20 से 30 अप्रैल तक सैकड़ों विवाह, मैरिज हॉल से लेकर कैटरिंग तक सभी सेवाएं फुल बुक।
Kharmas ends, clarinets resonate, wedding season peaks in Nagpur; hundreds of weddings in 10 days
नागपुर शादियों सीजन (प्रतिकात्मक तस्वीर, सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Marriage Halls Full: नागपुर शहर में ज्योतिष गणना के अनुसार अप्रैल माह में मीन संक्रांति के समापन के बाद शादियों का सीजन शुरू हो गया है। 14 अप्रैल को खरमास के समापन के बाद 18 अप्रैल से शादियों की सीजन शुरू हुई है। 20 से लेकर 30 अप्रैल तक शादियों का सीजन शबाब पर रहने वाला है। इन 10 दिनों में सैकड़ों शादियां पूरे विदर्भ में तथा नागपुर शहर में संपन्न हो रही हैं।

इस बार अप्रैल माह में शादी के मुहूर्त कम रहने वाले तथा दूल्हा दुल्हन ज्यादा रहने वाले हैं ज्योतिष गणना के अनुसार खरमास के समापन पर तथा शुक्र और गुरु के उदय होने पर विवाह की शुभ तिथियां पर मैरिज सीजन शुरू होती है। इस बार 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर अनेक शादियां तथा सामूहिक विवाह के आयोजन संपन्न हुए। बाद में 20 तथा 21 अप्रैल को भी शादियों की भरमार दिखाई दी।

अब लगातार शहर के अनेक विवाह स्थलों पर बैंड, बाजा, बारात के साथ शहनाइयां सुनने को मिल रही है। पूरे शहर में मंगल कार्यालय, मैरिज हॉल, होटलों, लॉन, रिसोर्टस की बुकिंग शबाब पर दिखाई दे रही है 6 महीने पहले ही बुकिंग का ग्राफ बढ़ गया था होलाष्टक तक फरवरी महीने में विवाह सीजन शबाब पर था लेकिन बाद में होली पर्व के महीने में शादियों के सीजन का ग्राफ काम हो गया और मार्च महीने में शादियां कम तादाद में हुई थी।

लेकिन खरमास के समापन के बाद 18 अप्रैल से शादियों की सीजन फिर से शुरू होने से बैंड वाले, कैटरिंग वाले, मंडप वाले, डेकोरेशन वाले, लाइटिंग वाले, घोड़ी बग्गी वाले, इवेंट वाले, ब्यूटी पार्लर तथा पंडित आदि भी अत्यधिक व्यस्त दिखाई दे रहे हैं।

17 मई से शुरू होगा अधिक मास

17 मई से अधिक मास शुरू होकर 15 जून तक जारी रहेगा। इस 1 महीने में धार्मिक तथा मांगलिक कार्यों पर विराम लगा रहेगा। शास्त्रों के अनुसार अधिक मास में मांगलिक कार्य करना वर्जित माना गया है।

इंगेजमेंट, गृह प्रवेश, शादियां, यज्ञोपवीत संस्कार, भूमि पूजन आदि अनेक मांगलिक कार्य संपन्न नहीं होंगे, इसलिए 17 मई से पहले मांगलिक कार्य संपन्न हो जाएंगे लेकिन आधे मई महीने में कम शादियों की शुभ तिथियां पंचांग में बताई गई है।

12 मई तक मात्र 6 से ज्यादा मुहूर्त है और जून महीने में 16 के बाद विवाह कार्य शुरू हो रहे हैं 16 जून के बाद मांगलिक कार्य को फिर से गति मिलने वाली है।

डेस्टिनेशन मैरिज का क्रेज

आर दिन डेस्टिनेशन मैरिज का क्रेज बढ़ता ही जा रहा है। शहर से दूरदराज क्षेत्र में शादियों के आयोजन संपन्न हो रहे है। इसी प्रकार शहर से 30 से 50 किलोमीटर तक मैरिज कार्यक्रम के लिए दूल्हा-दुल्हन के अभिभावक अपनी चॉइस से डेस्टिनेशन कार्यक्रमों को ज्यादा महत्व देने लगे हैं। तापमान 44 डिग्री से ऊपर पहुंच गया है लेकिन दूल्हें के अभिभावक गर्मी की परवाह नहीं करते हुए बैंड बाजा बारात को निकाल कर रीति रिवाज को पूर्ण करने का अंजाम दे रहे है। एयर कूल्ड तथा गर्मी को भगाने के लिए कूलरों का सहारा लिया जा रहा है और कैटरिंग सर्विस वालों द्वारा दंडे पेयजल भी शादी में राहत देने के लिए मुख्य रूप अपने मीनू में रखे जा रहे हैं।

देवशयनी एकादशी से मांगलिक कार्य को विराम

25 जुलाई को देवशयनी एकादशी का आगमन हो रहा है देवशयनी एकादशी से अगले वार माह तक मांगलिक कार्य को विराम मिल जाता है लेकिन इस बार गुरु ग्रह 16 जुलाई से अस्त हो रहे हैं इसलिए 16 जुलाई के पहले ही मांगलिक कार्यों को विराम मिल जाएगा।

16 जून के बाद 30 जून तक पंचांगों में मात्र 7 विवाह की तिथियां बताई गई है और जुलाई महीने में चार मुहूर्त ही पंचांग बता रहे है। इसलिए 16 जून के बाद शादियों की ज्यादा संख्या दिखाई देने वाली है। दूल्हा दुल्हन के अभिभावकों द्वारा शादी के कार्यक्रमों के लिए अभी से मई तथा जून महीने में प्रोग्राम तय करने में व्यस्त हो गए है।

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