Vidarbha Weather: नागपुर में थमी बारिश, चंद्रपुर-गड़चिरोली समेत विदर्भ के इन जिलों में बरसेंगे बादल
Nagpur Weather Forecast: नागपुर में रिमझिम बारिश से गर्मी घटी, लेकिन उमरेड में ओलावृष्टि ने मचाई तबाही। संतरा और गेहूं की फसलें बर्बाद। अगले 5 दिनों में 5 डिग्री बढ़ेगा पारा।
- Written By: प्रिया जैस
विदर्भ में मौसम का हाल (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Vidarbha Rain Update: नागपुर में शुक्रवार को तड़के और दोपहर में बारिश होने से गर्मी से राहत मिली थी। शनिवार को तड़के फिर से कुछ इलाकों में बहुत हल्की बारिश और बौछारें पड़ीं। मौसम विभाग ने सुबह 8.30 बजे तक 1.0 मिमी बारिश दर्ज की। 2 दिनों से बारिश और बदराये मौसम के कारण ठंड से राहत बरकरार है।
हालांकि अब सिटी में बारिश होने के कोई संकेत मौसम विभाग की ओर से नहीं मिले। उधर, चंद्रपुर, गड़चिरोली, गोंदिया और यवतमाल में कुछ स्थानों पर 2 दिनों बाद बारिश की संभावना है। शनिवार को नागपुर के अलावा गोंदिया में 0.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।
शनिवार को मौसम विभाग ने नागपुर का अधिकतम तापमान 34.2 डिसे दर्ज किया जो औसत से 2.7 डिग्री कम है। शुक्रवार की तुलना में शनिवार को मात्र 0.4 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री दर्ज किया गया। यह औसत से 0.6 डिसे कम रहा। बीते 24 घंटों में 0.4 डिग्री की गिरावट हुई।
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5 डिग्री तक चढ़ सकता है पारा
मौसम विभाग से मिले संकेतों के अनुसार नागपुर समेत विदर्भ के अधिकतर जिलों का अधिकतम तापमान 5 दिनों में 3 से 5 डिग्री तक चढ़ सकता है। वहीं न्यूनतम तापमान में अगले 7 दिनों तक कोई खास बदलाव नहीं होने की संभावना है।
उमरेड में ओलावृष्टि का कहर
नागपुर जिले की उमरेड तहसील में 20 मार्च को दोपहर में आई तेज आंधी और हुई भीषण ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी। तहसील के चांपा, हलदगांव, मांगली, वडध, मटकाझरी और चिमणाझरी सहित कई गांव बुरी तरह प्रभावित हुए। चना, गेहूं, टमाटर के साथ संतरा, मौसंबी और आम की फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा।
प्रभावित किसानों ने बताया कि तेज हवाओं और मोटे ओलों की परत से खेत सफेद चादर की तरह नजर आ रहे थे। बागान भी पूरी तरह तबाह हो गए। कई जगहों पर फलों से लदे फल पेड़ों से जमीन पर गिर गए, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ। किसानों ने प्रशासन से तत्काल मुआवजे की मांग की है। मौसम विभाग ने पहले ही 18 से 21 मार्च के बीच खराब मौसम और बारिश की चेतावनी दी थी।
नुकसान का आंकड़ा हेक्टेयर में
सावनेर – 36.63
रामटेक – 4.54
मौदा – 9.00
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आर्थिक संकट में फंसे किसान
लगातार हो रही बेमौसम बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से किसान आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सर्वेक्षण के आदेश दिए हैं। राजस्व और कृषि विभाग की टीमें नुकसान का आकलन कर रही हैं। अधिकारियों ने किसानों को बची हुईं फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी उपाय करने की सलाह दी है। इस आपदा के बाद प्रभावित किसानों को जल्द राहत और मुआवजा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
तेज आंधी, ओलावृष्टि और बारिश के चलते जिले की सावनेर तहसील में 6 गांवों के 143 किसान प्रभावित हुए जबकि रामटेक के एक गांव में 6 किसानों को नुकसान हुआ है। मौदा के 3 गांवों में 20 किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा।
