

नागपुर के वाठोड़ा में किराये के कमरे से 37 लाख रुपये के नकली नोट बरामद, आरोपी फरार।
पुलिस को करीब 48 लाख रुपये के अधछपे नोट और प्रिंटिंग सामग्री भी मिली।
आरोपी पर डेढ़ साल से नकली नोट छापने का संदेह, गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम मुंबई रवाना होगी।
Nagpur Wathoda Police Fake Currency: वाठोड़ा थाना क्षेत्र में शनिवार की दोपहर एक सनसनीखेज घटना सामने आई। किराये के रूम में रहने वाला युवक प्रिंटर के जरिए नकली नोट छाप रहा था। कई दिनों से गायब होने के कारण मकान मालिक ने उसका ताला तोड़ा। भीतर गए तो नोटों के बंडल दिखाई दिए।
खबर मिलते ही वाठोड़ा पुलिस मौके पर पहुंची। जांच करने पर 37 लाख रुपये के नकली नोट बरामद हुए। अधूरे बने हुए भी लाखों के नकली नोट पुलिस को मिले। इसी के साथ पुलिस आरोपी युवक की तलाश में जुट गई। फरार युवक त्रिमूर्तिनगर निवासी पुष्पक कृष्णा भेंडारकर उर्फ बेंडाने (30) बताया गया।
खरबी के चैतन्येश्वरनगर निवासी रमेश गंगाधर हरडे (55) अपने परिवार के साथ रहते हैं। करीब डेढ़ वर्ष पहले पुष्पक ने उनके मकान में कमरा किराये पर लिया था। जनवरी महीने में ही उसका रेंट एग्रीमेंट खत्म हो गया था। कुछ महीनों से वह किराया भी अदा नहीं कर रहा था। रमेश ने उसे मकान खाली करने को कहा तो चाकू दिखाकर धमकाने लगा।
रमेश ने इस संबंध में वाठोड़ा थाने में शिकायत भी की थी और अदखलपात्र मामला दर्ज किया गया था। काफी समय से पुष्पक मकान में नहीं आया था। आखिर शनिवार को रमेश ने हथौड़ी से उसके रूम का ताला तोड़ दिया। भीतर गए तो वहां बकेट में नोट दिखाई दिए। कागज भी फैले हुए थे और वहां प्रिंटर लगा हुआ था। कमरे का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। रमेश ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही वाठोड़ा पुलिस वहां पहुंची। कमरे की जांच करने पर पुलिस को 500 के नोटों के बंडल दिखाई दिए। गिनती करने के लिए मशीन बुलाई गई, 37 लाख रुपये के नकली नोट पुष्पक छाप चुका था। कमरे में प्रिंटिंग मटेरियल भी पड़ा हुआ था।
जांच करने पर पुलिस को करीब 48 लाख रुपये के नोट बरामद हुए जिसमें एक तरफ छपाई हो चुकी थी और दूसरा हिस्सा कोरा था। पुलिस ने सारा माल जब्त कर लिया। पुष्पक की तलाश शुरू की गई। उससे संपर्क करने पर मुंबई शहर में होने का पता चला। जल्द ही उसकी गिरफ्तारी के लिए एक टीम रवाना होगी।
पिछले डेढ़ वर्ष से पुष्पक नकली नोट छापने का काम कर रहा था। नागपुर शहर का रहवासी होने के बावजूद उसने कमरा किराये पर लिया। नकली नोट बनाने के लिए उसने यह कमरा किराया पर लिया था। जानकारी मिली कि वह नोटों की डील करने के लिए ही मुंबई शहर गया था।
वह पहले कितने नोट छाप चुका है और कितने बाजार में घूम रहे हैं, यह तो उसके पकड़े जाने के बाद ही पता चलेगा। पुलिस का दावा है कि पुष्पक द्वारा छापे गए नोट बिल्कुल असली दिखाई देते हैं। रोजाना व्यवहार और नोटों की जानकारी रखने वाले नकली नोट आसानी से पहचान लेंगे, लेकिन आम नागरिकों को असली और नकली में फर्क समझ आना मुश्किल है। पुलिस उसके परिजनों से भी पूछताछ कर रही थी।