बारिश में फसलें हुई खराब (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Nagpur Unseasonal Rain Vidarbha: नागपुर में बुधवार की देर रात बारिश शुरू होने के बाद बादल गुरुवार को तड़के सुबह तक बरसते रहे। गुरुवार को सुबह से ही बदराया मौसम रहा। हालांकि इक्का-दुक्का इलाकों में बूंदाबांदी हुई लेकिन गुरुवार को तेज बारिश नहीं हुई। तड़के सुबह तक झमाझम बारिश और दिनभर बदराये मौसम के तापमान में बड़ी गिरावट हुई। सिटी का तापमान 7.8 डिग्री गिर गया।
गुरुवार को हनुमान जन्मोत्वस पर गर्मी और तेज धूप से राहत के साथ सुहाना मौसम रहा। मौसम विभाग ने गुरुवार की सुबह 8.30 बजे तक 20 मिमी बारिश दर्ज की। हालांकि शाम तक बादल थमे रहे लेकिन देर रात कुछ इलाकों में चंद मिनटों की बूंदाबांदी हुई। मौसम विभाग ने गुरुवार को सिटी का अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री दर्ज किया जो औसत से 8 डिसे कम रहा।
बुधवार की तुलना में गुरुवार को 7.8 डिसे की बड़ी गिरावट दर्ज हुई। न्यूनतम तापमान 20.4 डिसे दर्ज हुआ। यह औसत से 1.7 डिग्री कम रहा। बीते 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में 1.2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई।
गुरुवार को नागपुर के अलावा अकोला, अमरावती, भंडारा, गड़चिरोली, गोंदिया और वर्धा में बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग से मिले संकेतों के अनुसार नागपुर समेत विदर्भ के अधिकतर जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। विभाग ने संभावना जताई है कि सिटी में 4 और 6 मार्च को बारिश हो सकती है। इसी के साथ तापमान में गिरावट होने के संकेत भी विभाग की ओर से मिले हैं।
बुधवार रात आई तेज आंधी और बेमौसम बारिश ने जिले के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं जिससे जन-जीवन के साथ कृषि पर भी असर पड़ा है। कृषि विभाग के अनुसार, जिले के 14 गांवों में करीब 41 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल के साथ संतरा और मोसंबी के बागों को नुकसान पहुंचा है।
मार्च माह के अंत में हुई बेमौसम बारिश से पहले ही किसानों की गेहूं की फसल प्रभावित हो चुकी थी। ऐसे में 1 अप्रैल की रात अचानक तेज आंधी और जोरदार बारिश ने बची-खुची फसल को भी नुकसान पहुंचा दिया। कई किसानों ने कटाई के बाद फसल खेतों में ही रखी थी जो बारिश में भीगकर खराब हो गई। हालांकि मौसम विभाग द्वारा पहले से चेतावनी जारी की गई थी जिसे ध्यान में रखते हुए कुछ किसानों ने अपनी फसल सुरक्षित कर ली। इसके बावजूद, लगातार हो रही बेमौसम बारिश और आंधी के कारण गेहूं उत्पादन में इस वर्ष गिरावट की आशंका जताई जा रही है।
| तहसील (Tehsil) | प्रभावित गांव | प्रभावित किसान | नुकसान (हेक्टेयर में) |
| सावनेर | 07 | 21 | 16 |
| उमरेड | 04 | 29 | 20 |
| रामटेक | 03 | 11 | 05 |
| कुल | 14 | 61 | 41 |
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बुधवार की रात्रि में आई तेज बारिश के कारण कलमना अनाज मंडी में खुले में रखा अनाज गीला हो गया। शेड फुल होने के चलते कुछ अनाज बाहर ही रखा गया था, जिसके चलते अचानक आई बारिश से किसानों का अनाज भीग गया। इससे किसानों को नुकसान हुआ है। हालांकि अनाज को प्लास्टिक से ढंगकर रखा गया था, लेकिन तेज हवाओं से प्लास्टिक उड़ गया। इससे अनाज भीग गया।
वैसे भी गर्मी के मौसम को देखते हुए आढ़तियों को लगा नहीं था कि जोरदार बारिश आएगी। लेकिन बारिश इतनी जोरदार थी कि अनाज की देख-रेख करने वाले माल समेट भी नहीं पाए। भीगे अनाज की क्वालिटी खराब होने से इसे भाव भी नहीं मिल पाएगा।
यहां पर होने वाली अनाज की आवक को देखते हुए कई बार शेड बढ़ाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक इस पर ध्यान नहीं दिया गया है। हर बार बेमौसम बारिश के कारण अनाज गीला होता है और इससे किसानों को काफी नुकसान भी होता है, लेकिन अनाज को सुरक्षित रखने शेड की संख्या बढ़ाई नहीं जा रही है।