Pune Rain: पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में बेमौसम बारिश का तांडव, सड़कों पर जलजमाव से जनजीवन अस्त-व्यस्त

Pune Rain Update: पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में हनुमान जयंती पर भारी बारिश। सड़कों और घरों में भरा पानी, गर्मी से राहत लेकिन जनजीवन प्रभावित।
Pune Rain Update
Pune Rain Update (फोटो क्रेडिट-X)
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Pune Rain News: महाराष्ट्र के कई जिलों में अचानक बदले मौसम के मिजाज ने नागरिकों को हैरत में डाल दिया है। गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 को हनुमान जयंती समारोह के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बेमौसम बारिश देखने को मिली। भीषण गर्मी से जूझ रहे नागरिकों को इस बारिश से अस्थायी राहत तो मिली, लेकिन अचानक आए इस बदलाव ने उत्सव के रंग में भंग डाल दिया। विशेष रूप से पुणे और औद्योगिक नगरी पिंपरी-चिंचवड़ में दोपहर के समय शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने नगर निगम के दावों की पोल खोल दी।

पुणे शहर के लगभग सभी हिस्सों में पिछले कुछ घंटों से लगातार बारिश हो रही है। दोपहर में अचानक काले बादल छाने से शहर में शाम जैसा अंधेरा छा गया और देखते ही देखते सड़कों पर पानी का सैलाब बहने लगा। कई इलाकों में स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि उत्सव के लिए बनाए गए मंडपों में जलभराव के कारण श्रद्धालु लंबे समय तक फंसे रहे। बेमौसम हो रही इस बरसात ने न केवल शहरी यातायात को प्रभावित किया है, बल्कि सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन में भी भारी बाधा उत्पन्न की है।

Pune Rain Update: जलमग्न हुई सड़कें और रिहाइशी इलाके

शहर के प्रमुख क्षेत्रों जैसे सिंहगढ़ रोड, मानिकबाग, कोंढवा बुद्रुक और प्राइड हॉस्पिटल के पास की सड़कों पर घुटनों तक पानी जमा होने से दर्जनों वाहन फंसे हुए दिखाई दिए। धनोरी इलाके में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे स्थानीय निवासियों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे चिंताजनक स्थिति बालाजीनगर के नदी किनारे बसे घरों में देखी गई, जहाँ बारिश का पानी घरों के भीतर घुस गया, जिससे घरेलू सामान को काफी नुकसान पहुँचा है।

मावल में किसानों की बढ़ी चिंता

पुणे जिले के ग्रामीण क्षेत्रों, विशेषकर मावल तालुका में भी भारी बारिश दर्ज की गई है। पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही इस बेमौसम बरसात ने क्षेत्र के किसानों की नींद उड़ा दी है। कटाई के लिए तैयार फसलों पर पानी फिरने का डर सता रहा है, जिससे कृषि क्षेत्र में भारी आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि गर्मी के मौसम में इस तरह की अप्रत्याशित बारिश फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों को प्रभावित करती है।

गर्मी से निजात लेकिन छतरी बनी अनिवार्य

तपती धूप और लू से परेशान पुणेकर अब अप्रैल के महीने में भी छाता लेकर निकलने को मजबूर हैं। हालांकि, बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है और वातावरण में ठंडक घुल गई है, जिससे लोगों को चिलचिलाती गर्मी से कुछ घंटों की राहत मिली है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक आसमान में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों से गुजरते समय सावधानी बरतें।

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