Nagpur University News: राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में परीक्षा और परिणाम घोषित करने में हो रही देरी का असर अब उच्च शिक्षा पर साफ दिखने लगा है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 पूरी तरह प्रभावित होने की स्थिति में है, जिससे विशेष रूप से इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट के स्नातकोत्तर (PG) में प्रवेश लेने वाले छात्रों की चिंता बढ़ गई है।
इस वर्ष सबसे अधिक परेशानी अंतिम वर्ष के छात्रों को उठानी पड़ रही है। विश्वविद्यालय अब तक सम एवं विषम सेमेस्टर की परीक्षाओं का टाइम टेबल जारी नहीं कर सका है। यदि परीक्षाएं मई में आयोजित होती हैं, तो परिणाम जुलाई-अगस्त तक आने की संभावना है। ऐसे में अन्य विश्वविद्यालयों में पीजी प्रवेश की प्रक्रिया पूरी हो जाने के कारण कई छात्र प्रवेश से वंचित रह सकते हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस बार शैक्षणिक सत्र नवंबर से शुरू होना था, लेकिन नई सॉफ्टवेयर प्रणाली लागू होने के कारण परीक्षाएं समय पर शुरू नहीं हो सकीं। जनवरी से परीक्षाएं शुरू होने के चलते पूरा अकादमिक कैलेंडर बिगड़ गया, जिसका असर अब परिणाम और प्रवेश प्रक्रिया पर पड़ रहा है।
यदि अप्रैल-मई में परीक्षाएं आयोजित होती हैं, तो विश्वविद्यालय को कम समय में परिणाम घोषित करना होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, निर्धारित समय सीमा में परिणाम जारी नहीं होने पर जून-जुलाई में शुरू होने वाली पीजी प्रवेश प्रक्रिया में हजारों छात्र शामिल नहीं हो पाएंगे।
विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य एड. मनमोहन बाजपेयी ने इस गंभीर स्थिति को लेकर उपकुलपति को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने बताया कि अभी तक शीतकालीन परीक्षाओं के परिणाम घोषित नहीं हुए हैं, साथ ही पूरक परीक्षाएं भी लंबित हैं। इसके बाद ग्रीष्मकालीन परीक्षाएं और उनके परिणाम भी शेष हैं, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है।
पत्र में सुझाव दिया गया है कि अनुभवी प्राचार्यों और शिक्षकों की एक विशेष टीम गठित कर परीक्षा और परिणाम प्रक्रिया को तेज किया जाए। यदि समय रहते ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है—खासकर वे छात्र जो आगे की पढ़ाई या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हैं।