No-Entry Rules: 'ऑपरेशन यू-टर्न' ने बदली नागपुर की तस्वीर, भारी वाहनों से होने वाली मौतों में आई भारी गिरावट!

Operation U-Turn Nagpur: नागपुर पुलिस के 'ऑपरेशन यू-टर्न' का बड़ा असर; भारी वाहनों से होने वाली मौतों में 56% की कमी। 11 मार्च 2026 तक सड़क हादसों में आई भारी गिरावट।
Nagpur's 'Operation U-Turn' leads to a massive 56.5% drop in deaths caused by heavy vehicles. 25,000+ trucks penalized in 2025. City sets a safety model.
भारी वाहनों की एंट्री पर रोक (सौजन्य-नवभारत)
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Nagpur Traffic Police News: नागपुर शहर में बढ़ते सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए नागपुर ट्रैफिक पुलिस द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन यू-टर्न अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। भारी वाहनों की आवाजाही पर सख्ती के बाद वर्ष 2026 में (10 मार्च तक) ऐसे हादसों में होने वाली मौतों में 56.5 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है।

पुलिस के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 से 2025 के बीच नागपुर में भारी ट्रकों से जुड़े 422 से अधिक सड़क हादसे दर्ज हुए थे जिनमें बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई और गंभीर चोटें आई। शहर में तेजी से बढ़ते वाहनों, ट्रकों की बेफिक्र ड्राइविंग और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भारी वाहनों की आवाजाही को इन हादसों का प्रमुख कारण माना गया।

सुबह 6 से रात 10 बजे तक शहर में नो-एंट्री

इन हालातों को देखते हुए नागपुर पुलिस ने जुलाई 2025 में ऑपरेशन यू-टर्न शुरू किया। इस अभियान के तहत सुबह 6 से रात 10 बजे तक आउटर रिंग रोड के भीतर भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया। ट्रकों और बड़े मालवाहक वाहनों को शहर के अंदर आने की बजाय आउटर रिंग रोड बाइपास का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए। शहर की सीमाओं पर न्यू काटोल नाका, गोंडखैरी, जामठा टी-पॉइंट, उमरेड रोड, कापसी ब्रिज और साईं मंदिर क्षेत्र जैसे प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर चेकपोस्ट बनाकर सख्ती से निगरानी की जा रही है। इसके अलावा रात के समय विशेष गश्त, अचानक जांच अभियान और सीसीटीवी निगरानी के जरिए नियम तोड़ने वाले ट्रकों पर नजर रखी जा रही है।

जागरूकता और तकनीक का भी सहारा

डीसीपी ट्रैफिक लोहित मतानी ने बताया कि अभियान के दौरान पुलिस ने ट्रांसपोर्ट कंपनियों, ट्रक ड्राइवरों और लॉजिस्टिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ बैठकें कर सुरक्षित ड्राइविंग, ओवरस्पीडिंग से बचाव और नियमों के पालन को लेकर जागरूकता भी बढ़ाई है। साथ ही सीसीटीवी आधारित निगरानी प्रणाली से प्रतिबंधित समय में शहर में प्रवेश करने वाले वाहनों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। भारी वाहनों से होने वाली मौतों में 56.5 प्रश, गंभीर घायलों में लगभग 38 प्रश और मामूली घायलों में 31 प्रश तक कमी आई है। वहीं 11 मार्च 2026 तक शहर में कुल सड़क दुर्घटना मौतों में भी 41 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

अन्य शहरों के लिए भी मॉडल

ट्रैफिक विशेषज्ञों के अनुसार डेटा आधारित ट्रैफिक पुलिसिंग और भारी वाहनों पर केंद्रित नियंत्रण का यह मॉडल देश के अन्य बड़े शहरों के लिए भी प्रभावी साबित हो सकता है। नागपुर में ऑपरेशन यू-टर्न ने दिखा दिया है कि सख्त नियम, तकनीक और सतत निगरानी से सड़क हादसों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

  • नियमों का उल्लंघन करने वालों पर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है।
  • वर्ष 2025 में 25,000 से अधिक भारी वाहनों पर चालान किया गया।
  • 10 मार्च 2026 तक 9,051 मामलों में कार्रवाई की गई।
  • कई मामलों में वाहनों को जब्त भी किया गया।

हादसों में आई बड़ी गिरावट

क्रमांक अवधि मौतें गंभीर घायल मामूली घायल
1 10 मार्च 2025 तक 23 29 16
2 10 मार्च 2026 तक 10 18 11

भारी वाहनों पर की गई कार्रवाई

क्रमांक जोन वर्ष 2025 जनवरी–10 मार्च 2026
1 एमआईडीसी 1984 624
2 सोनेगांव 1250 1330
3 सीताबर्डी 875 281
4 सदर 1507 763
5 कॉटन मार्केट 257 21
6 लकड़गंज 4688 1212
7 अजनी 5176 1832
8 सक्करदरा 1235 74
9 इंदोरा 4042 852
10 कामठी 3865 327
11 कलमना 118 593
12 पारडी 102 1142
कुल 25099 9051
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