नागपुर को अमृत भारत एक्सप्रेस कब? वाराणसी-अयोध्या के लिए सीधी ट्रेन की मांग, उत्तर भारतीय संगठन उठाएंगे मुद्दा

Nagpur To Varanasi Train Demand: नागपुर और विदर्भ के उत्तर भारतीयों ने वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग तेज कर दी है। इसके लिए ज्ञापन सौंपा जाएगा।
Nagpur To Varanasi Ayodhya Train Demand
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी व रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur To Varanasi Ayodhya Train Demand: नागपुर शहर और विदर्भ के विकास में प्रमुख भूमिका निभा रहे उत्तर भारतीयों ने अब नागपुर से वाराणसी के लिए सीधी ट्रेन की मांग तेज कर दी है। वर्षों से लंबित इस मांग को लेकर अब सभी एक मंच पर आकर हैवीवेट केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव तक पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं।

ट्रेनों में सीट नहीं, बस का थकाऊ व असुरक्षित सफर

वर्तमान स्थिति यह है कि नागपुर से वाराणसी, प्रयागराज जैसे शहरों में जाने के लिए ट्रेनों में नागपुर से सीटों की उम्मीद नहीं के बराबर ही होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये ट्रेनें अपने पहले ही स्टेशन से फुल होकर चलती हैं और आरक्षण खुलने के दिन ही लगभग सभी सीटें बुक हो जाती हैं। वेटिंग लिस्ट इतनी लंबी होती है कि कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में मजबूरी में लोग बस का सहारा लेते हैं जो न केवल समय लेने वाला बल्कि जोखिम भरा भी होता है। इस थकाऊ सफर में सभी को ट्रेन की सुरक्षा और सुविधा की कमी महसूस होती है।

शहर ही नहीं, संस्कृतियों का होगा मिलन

उल्लेखनीय है कि नागपुर और वाराणसी दोनों ही शहर सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। एक ओर जहां नागपुर को देश का भौगोलिक केंद्र माना जाता है और यह मध्य भारत का प्रमुख वाणिज्यिक और शैक्षणिक हब है। यह शहर आधुनिकता की दौड़ में तेजी से बढ़ रहा है। वहीं वाराणसी दुनिया के सबसे प्राचीन जीवित शहरों में से एक है जहां गंगा तट पर स्थित घाट, काशी विश्वनाथ मंदिर और धार्मिक परंपराएं इसे विशेष पहचान देती हैं। अयोध्या भी राम मंदिर निर्माण के बाद वैश्विक धार्मिक पर्यटन का केंद्र बन चुकी है। ऐसे में इन शहरों के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी न होना एक बड़ी कमी मानी जा रही है।

मंत्रालय स्तर पर उठायेंगे विषय

उत्तर भारतीय संगठनों का कहना है कि यह केवल एक सुविधा का मुद्दा नहीं बल्कि आस्था और सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रश्न है। यदि नागपुर से वाराणसी और अयोध्या के लिए सीधी ट्रेन शुरू होती है तो इससे न केवल श्रद्धालुओं को लाभ होगा बल्कि दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध भी मजबूत होंगे। जल्द ही संयुक्त ज्ञापन तैयार कर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को सौंपेंगे। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों से भी इस मुद्दे को संसद और संबंधित मंचों पर उठाने की अपील की जाएगी।

हजारों परिवारों को होगी सुविधा : अश्वनी गुप्ता

दोसर वैश्य महासभा के अध्यक्ष अश्वनी गुप्ता ने कहा कि अब समय आ गया है कि नागपुर से वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या जैसे धार्मिक व सांस्कृतिक शहरों के लिए सीधी ट्रेन शुरू की जाये। ये ट्रेन हजारों उत्तर भारतीय परिवारों के साथ धार्मिक लोगों के लिए अहम साबित होगी। हमारे पूर्वज 100 पहले रोजगार की तलाश में उत्तर भारत से नागपुर आये थे लेकिन आज भी ये परिवार हर वर्ष अपने मुख्य परिवार के वैवाहिक कार्यक्रमों में जा नहीं पाते। अपने कुल देवता के दर्शन के लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ती है।

मांग नहीं, मिशन बनायेंगे : विनय गुप्ता

वहीं दोसर वैश्य महासभा के मंत्री विनय गुप्ता ने कहा कि अब 2-2 नये रूट उपलब्ध हैं जो कम दूरी के साथ नागपुर को वाराणसी जैसे धार्मिक शहर को जोड़ते हैं। रेल मंत्रालय को समझना चाहिए कि दोनों शहरों के बीच एक सीधी ट्रेन कितने भारतीयों को धार्मिक पुण्य प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि दोसर वैश्य महासभा अब पुरजोर तरीके से इस ट्रेन के लिए मांग नहीं, मिशन चलायेगी। रेल मंत्रालय को नागपुर और विदर्भ के उत्तर भारतीयों और धार्मिक लोगों की परेशानी को समझना चाहिए।

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