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नागपुर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में चार मंजिला सी-विंग का निर्माण जारी है।
अस्पताल की बेड क्षमता 230 से बढ़ाकर 500 करने की योजना है।
विस्तार के बाद 270 अतिरिक्त बेड उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
नई इमारत में कैथलैब, आईसीयू, इको जांच सुविधा, डे केयर सेंटर और सेमिनार हॉल बनाए जाएंगे।
GMCH Nagpur Hospital Bed Capacity Increase: नागपुर शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय एवं अस्पताल (मेडिकल) के साथ अब सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भी विकास कार्यों ने गति पकड़ ली है।
मरीजों को बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने और अस्पताल की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से ओपीडी तथा वार्डों के नवीनीकरण के साथ ही चार मंजिला सी-विंग का निर्माण किया जा रहा है।
इस विस्तार से सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की मौजूदा सुविधाओं में इजाफा होने के साथ ही मरीजों के लिए बिस्तरों की संख्या 230 से बढ़ाकर 500 तक करने की योजना है। यानी विस्तार के बाद अस्पताल में वर्तमान की तुलना में 270 अतिरिक्त बेड उपलब्ध हो सकेंगे।
यह बढ़ोतरी अस्पताल की बेड क्षमता में करीब 117 प्रतिशत की वृद्धि होगी। सी-विंग का निर्माण अस्पताल के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसमें कैथलैब, आईसीयू, इको जांच सुविधा, विभाग प्रमुखों के कक्ष, डे केयर सेंटर और सेमिनार हॉल जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
सार्वजनिक निर्माण कार्य विभाग (PWD) की ओर से -भवन निर्माण का काम तेजी से किया जा रहा है। निर्धारित योजना के अनुसार, मार्च 2027 तक नवनिर्मित इमारत अस्पताल प्रशासन को सौंपने का लक्ष्य रखा गया है।
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में हृदय रोग सहित विभिन्न गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आधुनिक सुविधाओं की जरूरत लगातार महसूस की जा रही है। ऐसे में सी विंग का निर्माण अस्पताल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रस्तावित भवन में कैथलैब की सुविधा से हृदय संबंधी जांच और उपचार व्यवस्था को विस्तार मिलेगा। वहीं गहन देखभाल इकाई (ICU)की सुविधा गंभीर मरीजों की देखभाल के लिए उपयोगी होगी। इको जांच, विभाग प्रमुखों के लिए अलग कक्ष और डे केयर सेंटर भी बनाया जाएगा।
इसके अलावा सेमिनार हॉल के निर्माण से शैक्षणिक गतिविधियों, चिकित्सकीय चर्चाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन के लिए भी जगह उपलब्ध होगी। इन सुविधाओं के विकसित होने से अस्पताल के कामकाज को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
वर्तमान में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में कुल 9 विभाग कार्यरत हैं। इनमें कुछ विभागों में केवल बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) के माध्यम से मरीजों को परामर्श और उपचार दिया जाता है, जबकि अन्य विभागों में भर्ती मरीजों के लिए कुल 230 बेड उपलब्ध हैं।
अस्पताल में मरीजों की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बेड क्षमता का विस्तार किया जा रहा है। प्रस्तावित विस्तार के बाद बेड की संख्या 500 तक पहुंचने पर अस्पताल में एक साथ अधिक मरीजों को भर्ती करने की क्षमता विकसित होगी।
मौजूदा 230 बेड के मुकाबले 270 अतिरिक्त बेड की उपलब्धता गंभीर और जटिल बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए भवन निर्माण के साथ-साथ आवश्यक चिकित्सा उपकरणों, डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य संसाधनों की उपलब्धता भी अहम होगी।
विकास के साथ ही नवीनीकरण कार्य भी तेजी से हो रहा है। सी विंग इमारत के बाद जगह की किल्लत दूर हो जाएगी। इससे एक ओर जहां डॉक्टरों को सुविधा मिलेगी वहीं मरीजों को भी लाभ होगा।
विभागों के विस्तारीकरण के बाद बेड क्षमता भी 500 तक ले जाने का प्रशासन का प्रयास है। भविष्य में कुछ और विभागों में स्नातकोत्तर की सीटें भी बढ़ सकती है।
- डॉ. सुषमा ठाकरे, ओएसडी, सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल