100 साल का हुआ नागपुर रेलवे स्टेशन, तय किया नैरोगेज से ब्रॉडगेज तक का सफर, जानें क्या है खास
नागपुर के रेल्वे स्टेशन ने अपने 100 साल पूरे कर लिए है। इन सौ सालों में नागपुर के रेल्वे स्टेशन ने पूराने जमाने से लेकर आधुनिक जमाने तक कई बहुत-सी चीजे देखी है। जानें कैसे बना ये नागपुर रेल्वे स्टेशन...
- Written By: प्रिया जैस
100 साल का हुआ नागपुर स्टेशन (सौजन्य-सोशल मीडिया)
नागपुर: देश के दिल में बसे नागपुर शहर के रेलवे स्टेशन ने बुधवार को अपना 100वां जन्मदिन मनाया। इस एक सदी में नागपुर स्टेशन ने विकास की बयार देखी है। नैरोगेज लाइन से ब्रॉडगेज लाइन, 2 प्लेटफॉर्म से 8 प्लेटफॉर्म, देश को उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम को जोड़ने का गौरव प्राप्त किया।
गिनी-चुनीं ट्रेनों का आंकड़ा अब 150 से अधिक का आंकड़ा पार कर चुका है। ट्रेनों के भारी दबाव को देखते हुए यहां 2 रेल मंडल स्थापित किए गए। अपनी उम्र के 100वें वर्ष में नागपुर स्टेशन अब रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के साथ आधुनिक रूप की ओर बढ़ चुका है। खास बात यह कि अगले 100 वर्ष के लिए तैयार हो रहा नागपुर स्टेशन अपनी ऐतिहासिक इमारत और विरासत के साथ आधुनिक रूप साथ लेकर आगे बढ़ने जा रहा है।
1925 में पूरी हुई थी इमारत
- नागपुर की जियोग्राफिक लोकेशन का महत्व इसी से पता चलता है कि अंग्रेजी शासनकाल में देश की पहली रेल वर्ष 1853 में मुंबई में चलाई गई थी।
- अगले 14 वर्षों में ही मुंबई से भुसावल होते हुए नागपुर तक ट्रेन शुरू कर दी गई। यूं तो स्टेशन पर ट्रेनों का परिचालिन 1867 से ही शुरू हो गया था।
- वर्ष 1881 में नागपुर को कलकत्ता (अब कोलकाता) से जोड़ दिया गया। तब नागपुर सेंट्रल प्रोविएंस एंड बरार का हिस्सा था। 1920 में नागपुर स्टेशन के आगे जंक्शन जोड़ा गया।
- स्टेशन की ऐतिहासिक इमारत का काम 1906 में शुरू किया गया। इसके लिए केवल 1 रुपये में करीब 38 एकड़ जमीन खरीदी गई थी
- सावनेर के रेतीले पत्थरों से इस ऐतिहासिक इमारत का निर्माण किया गया। 15 जनवरी 1925 को तत्कालीन गर्वनर सर फ्रैंक स्ले ने इसका उद्घाटन किया था।
महात्मा गांधी भी रख चुके हैं कदम
गोथिक और मुगल स्थापत्य कला से बने नागपुर स्टेशन पर 10 मार्च 1920 को महात्मा गांधी पहुंचे थे। वे यहां असहयोग आंदोलन के लिए पहुंचे थे। वहीं 11 दिसंबर 2022 को प्रधानमंत्री पीएम मोदी ने यहां पहुंचकर बिलासपुर वंदे भारत को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
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नागपुर स्टेशन पर आने वाले वे देश के पहले प्रधानमंत्री हैं। इसी समय उन्होंने 100 वर्ष बूढ़े इस रेलवे स्टेशन को आधुनिक रूप देने के लिए रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट की नींव रखी थी।
मिल रहा वर्ल्ड क्लास चेहरा
- आज 487.77 करोड़ की लागत से तेजी से नागपुर स्टेशन को विश्व स्तरीय बनाने का काम जारी है।
- किसी समय केवल 2 एफओबी वाले ऐतिहासिक नागपुर स्टेशन पर अब 28 लिफ्ट और 31 एस्केलेटर लगाए जाएंगे।
- रूफ प्लाजा, 2,000 से अधिक वाहनों के लिए बेसमेंट पार्किंग, मेट्रो स्टेशन से कनेक्टिविटी जैसी कई सुविधाएं यात्रियों को उपलब्ध होंगी।
- 100 वर्षों में नागपुर स्टेशन भारतीय रेलवे के सबसे व्यस्त केंद्रों में से एक बन गया है। वर्तमान में यह स्टेशन प्रतिदिन औसतन 283 ट्रेनों को संभालता है।
- वर्ष 2023-24 में स्टेशन ने 2।36 करोड़ यात्रियों को सेवा दी। इसमें प्रतिदिन औसतन 64,541 यात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई।
- वर्तमान में यह संख्या बढ़कर 68,729 पहुंच चुकी है। भविष्य में यह आंकड़ा एक लाख के पार होना तय है।
