नागपुर में पार्षद शुभम मोटघरे पर फायरिंग, बावाजी के ऑफिस में साजिश रच 4 लाख में फल्ली ने दी थी सुपारी

Nagpur Shubham Motghare Firing Case: नागपुर में पार्षद शुभम मोटघरे पर 4 लाख रुपये की सुपारी देकर फायरिंग कराने का पर्दाफाश हुआ है, हालांकि हमले की असली वजह तलाशने में पुलिस जुटी है।
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नागपुर में कांग्रेस पार्षद के घर पर हुई फायरिंग मामले में क्राइम ब्रांच का बड़ा खुलासा(सोर्स: AI)
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Nagpur Shubham Motghare Firing News : नागपुर में कांग्रेस पार्षद शुभम मोटघरे के घर पर हुई फायरिंग के मामले में क्राइम ब्रांच की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच के अनुसार चर्चित अपराधी और ड्रग पेडलर विशाल गुप्ता उर्फ फल्ली ने कथित तौर पर 4 लाख रुपये की सुपारी दी थी। फायरिंग की प्लानिंग अशोक यादव उर्फ बावाजी के कार्यालय में होने की बात सामने आई है। मामले में बावाजी और फल्ली को भी आरोपी बनाया गया है, जबकि दोनों फरार हैं।

जांच में यह भी सामने आया है कि चर्चित ड्रग पेडलर और अपराधी विशाल गुप्ता उर्फ फल्ली ने आरोपियों को कथित तौर पर 4 लाख रुपये की सुपारी दी थी। इस मामले में पुलिस ने अंकुश तोमसकर, अमित ठाकरे, ऋषि नागदेवे, रोमित उर्फ पुल्या वाहणे, केतन माटे, ऋषभ कैथल और कार्तिक तोमसकर को गिरफ्तार किया है।

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4 लाख रुपये की रकम बनी वजह

जांच के दौरान अंकुश तोमसकर ने पुलिस को बताया कि उसे फल्ली को 4 लाख रुपये देने थे। काफी समय से फल्ली उससे रकम मांग रहा था, लेकिन अंकुश पैसों का इंतजाम नहीं कर पा रहा था। इसके बाद फल्ली ने कथित तौर पर अंकुश से मोटघरे के घर पर फायरिंग करने को कहा। बताया जाता है कि फायरिंग करने पर 4 लाख रुपये की रकम नहीं देने की बात कही गई थी।

नागपुर पुलिस के मुताबिक, बावाजी के कार्यालय में फायरिंग की योजना बनाई गई थी। इस दौरान फल्ली, अंकुश और उनके कुछ साथी मौजूद थे। इसी आधार पर पुलिस ने अशोक यादव उर्फ बावाजी और विशाल गुप्ता उर्फ फल्ली को भी मामले में आरोपी बनाया है। दोनों की तलाश जारी है।

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आरोपियों का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड है और उनके खिलाफ गंभीर मामले दर्ज हैं। फल्ली को एक हत्या के मामले में कारावास की सजा भी सुनाई जा चुकी है। वह फिलहाल जमानत पर बाहर आया था। पिछले वर्ष पुलिस ने उसके खिलाफ MPDA के तहत कार्रवाई की थी।

अब क्राइम ब्रांच इस मामले में आरोपियों के खिलाफ MCOCA (मोका) लगाने की तैयारी कर रही है। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर शुभम मोटघरे के घर को ही निशाना बनाने की वजह क्या थी। पुलिस इसी सवाल का जवाब तलाशने में जुटी है।

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