

Nagpur School Safety Rules: नागपुर स्कूल बस सुरक्षा और स्कूल समितियों के गठन के अत्यंत संवेदनशील मामले में हाई कोर्ट ने नागपुर के शिक्षा उपसंचालक के रवैये पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। स्पष्ट आदेशों की अवहेलना और मामले को बेहद हल्के में लेने के कारण न्यायाधीश अनिल किल्लोर और न्यायाधीश राज वाकोडे ने अब स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को शिक्षा उपसंचालक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
सुनवाई के दौरान सरकारी वकील की ओर से अनुरोध किए जाने के कारण फिलहाल इस आदेश को स्थगित रखने का आदेश भी हाई कोर्ट ने दिया। न्यायालय में स्कूलों द्वारा बस सुरक्षा और स्कूल समितियों के गठन संबंधी नियमों के अनुपालन को लेकर सुनवाई चल रही थी।
सुनवाई के दौरान अदालत मित्र वरिष्ठ अधिवक्ता फिरदौस मिजों ने बताया कि केवल 38 स्कूलों ने हलफनामा दायर कर नियमों का पालन किया है, जबकि कई स्कूल अभी भी इनकी अनदेखी कर रहे हैं।
अदालत मित्र अधि। मिजी ने कहा कि इसके लिए न्यायालय ने शिक्षा उपसंचालक को निर्देश दिया था कि वे उ सप्ताह के भीतर शेष सभी गैर-अनुपालक स्कूलों को नोटिस जारी करें, इसके अतिरिक्त अदालत ने उन्हें 2 प्रमुख समाचार पत्रों में एक सार्वजनिक सूचना प्रकाशित करने की भी अनुमति दी थी, ताकि स्कूल प्रबंधन 28 अप्रैल 2026 को अगली सुनवाई में उपस्थित हो सके लेकिन आलम यह है कि सार्वजनिक सूचना अभी तक अखबारों में प्रकाशित नहीं की गई है।
इस पर हाई कोर्ट ने अधिकारियों के रवैये को बेहद लापरवाह करार दिया, न्यायालय ने स्पाट किया कि सार्वजनिक सूचना पहले से प्रकाशित करने का मुख्य उद्देश्य ही यहीं था कि सभी स्कूल अदालत के समक्ष उपस्थित हो सके जिसे विभाग की लापरवाही ने विफल कर दिया।