डेंगू से ज्यादा घातक हुआ मलेरिया, नागपुर में बढ़ रहे मौत के आंकड़े, एड्स और कैंसर के भी मिले मरीज
Nagpur Malaria Dengue Report: नागपुर ग्रामीण में मलेरिया कई लोगों की मौत का कारण बनता जा रहा है। लाखों के खर्च के बाद भी सरकारी कार्यक्रम लोगों की जान बचाने में असमर्थ नजर आ रहे है।
- Written By: प्रिया जैस
डेंगू-मलेरिया रिपोर्ट (सौजन्य-IANS)
Rural Maharashtra Health Crisis: केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संक्रामक बीमारियों सहित डेंगू, मलेरिया,एड्स, कैंसर जैसी बीमारियों के लिए सरकारी कार्यक्रमों के माध्यम से नियंत्रण का कार्य किया जा रहा है। इस पर हर वर्ष लाखों रुपये भी खर्च होते हैं। इसके बाद भी बीमारियां हर वर्ष कहर बरपा रही हैं। पिछले तीन वर्षों के भीतर नागपुर ग्रामीण में मलेरिया से 54 लोगों की मौत हुई जबकि डेंगू के डंक ने 17 लोगों की जान ली।
यानी ग्रामीण में डेंगू की तुलना में मलेरिया ज्यादा घातक बन गया है। अक्सर बारिश के दिनों में मलेरिया और डेंगू के बढ़ने की संभावना रहती है, लेकिन गर्मी का सीजन छोड़ दिया जाए तो अन्य सीजन में भी मरीज मिलते हैं। आरटीआई एक्टिविस्ट अभय कोलारकर द्वारा सूचना के अधिकार के तहत सार्वजनिक स्वास्थ्य उपसंचालक कार्यालय से मांगी गई जानकारी के अनुसार ग्रामीण में 2023 में मलेरिया के कुल 6,345 मामले सामने आये।
सरकारी कार्यक्रमों की नाकामी
इनमें से 19 की मौत हो गई। इसी तरह 2024 में 7,677 मरीजों में से 17 और 2025 में 6,845 मरीजों में से 18 की मौत हुई। इस तरह तीन वर्ष के भीतर 54 लोगों की मौत हो गई। खास बात यह कि इसमें सिटी के आंकड़े शामिल नहीं हैं। तीन वर्ष के भीतर ग्रामीण में डेंगू से 17 लोगों की मौत हुई। वहीं तीन वर्ष के भीतर 4,666 मरीज मिले। तमाम तरह के उपायों के बाद भी इतनी अधिक संख्या में मरीजों का मिलना सरकारी कार्यक्रमों की नाकामी की ओर से इशारा करता है।
सम्बंधित ख़बरें
अंबाझरी तालाब को जलकुंभी मुक्त करने के लिए युद्ध स्तर पर अभियान, महापौर और मनपा आयुक्त ने किया निरीक्षण
जनगणना के 33 सवालों में ओबीसी कॉलम गायब होने पर राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ का आक्रोश, दिल्ली में आंदोलन की चेतावनी
नागपुर: मनपा की बड़ी कार्रवाई, रामनगर में अवैध निर्माण ध्वस्त; शंकरनगर और सीताबर्डी से एक ट्रक अतिक्रमण जब्त
नीट पेपर लीक के बाद उठे सवाल: क्या बोर्ड अंकों को वेटेज देने से घटेगी कोचिंग पर निर्भरता?
एड्स, कैंसर के भी मरीज मिले
एड्स के भी मामले बढ़ते जा रहे हैं। 2023-24 में एड्स के 1,310 मामले सामने आये। इनमें से 168 मरीजों की मौत हो गई। 2024-25 में 1,344 मरीज मिले। इनमें से 144 मरीजों की मौत हुई जबकि सितंबर 2025 तक 613 मरीज मिले और 79 की मौत हुई। वहीं 2023-24 में कैंसर के 1,758 मामले सामने आये। इनमें 204 की मौत हुई। 2024-25 में 1437 मामले सामने आये। इनमें सभी तरह के कैंसर के मामलों में 125 मरीजों की जान चली गई।
यह भी पढ़ें – 1500 CCTV कैमरे…स्मार्ट रोड बनेगा समृद्धि महामार्ग, नागपुर-मुंबई हाईवे पर AI सिस्टम रखेगा निगरानी
जिले में मलेरिया के आंकड़े
| वर्ष | मरीज | मृत्यु |
|---|---|---|
| 2023 | 6,345 | 19 |
| 2024 | 7,677 | 17 |
| 2025 | 6,845 | 18 |
जिले में डेंगू के मरीज
| वर्ष | मरीज | मृत्यु |
|---|---|---|
| 2023 | 2,365 | 4 |
| 2024 | 1,767 | 7 |
| 2025 | 534 | 6 |
एड्स के मरीज
| वर्ष | मरीज | मृत्यु |
|---|---|---|
| 2023 | 1,310 | 168 |
| 2024 | 1,344 | 144 |
| 2025 सितंबर | 613 | — |
