

Nagpur Gangster News: नागपुर शहर के चर्चित गैंगस्टर आनंदनगर, सीताबर्डी निवासी शेख अकरम उर्फ भुरु शेख रहमान (42) पर जानलेवा हमला करने के बाद से फरार अपराधी शेख मोहसिन उर्फ बाबा टाइगर शेख मूसा को क्राइम ब्रांच यूनिट 2 की टीम ने फिल्मी स्टाइल में पीछा करके शेगांव रेलवे स्टेशन पर पकड़ा।
देर रात पुलिस उसे लेकर नागपुर आई। इस मामले में पुलिस ने पहले बुरडगल्ली, तेलीपुरा निवासी शेख शरीफ शेख सलीम (36), ताजनगर, मानकापुर निवासी शहबाज खान उर्फ सलमान बिल्ला खान (25), झिंगाबाई टाकली निवासी आमिर बशीर शेख (35), मोहम्मद साहिल अलताफ अंसारी (28) और मोहम्मद तौफीक शेख मोहम्मद आरिफ (28) को गिरफ्तार किया था।
पत्नी से अनबन के चलते भुरु अलग रह रहा था। शरीफ को जानकारी मिली कि वह सोमलवाड़ा चौक पर स्थित होटल मेमोरीज में रुका है और रात में वहां अकेला ही जाता है।
उसने अपने दोस्तों के साथ भुरु को टपकाने का प्लान बनाया। विगत 11 अगस्त की रात 11.30 बजे शरीफ ने होटल के सामने ही भुरु को एसयूवी गाड़ी क्र. MH.40-CH.4777 से उड़ा दिया और भाग निकले।
होटल कर्मचारियों ने तत्काल घटना की जानकारी पुलिस और परिजनों को दी। तब से भुरु का उपचार जारी है। जिस तरह शरीफ ने हमले की शिकायत पुलिस से नहीं की उसी तरह भुरु गुट भी शिकायत न करते हुए बदला लेने की तैयारी में था लेकिन क्राइम ब्रांच को भनक लग गई।
इसके बाद सोनेगांव थाने में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था। आरोपियों द्वारा संगठित रूप से कई अपराधों को अंजाम दिया गया था। इसीलिए पुलिस ने उनके खिलाफ मोका के तहत मामला दर्ज किया था लेकिन टाइगर फरार था।
फरार होने के बाद बाबा अलग-अलग शहरों में घूम रहा था। पहले उसके नागपुर जिले के खापरखेड़ा ग्रामीण में छिपे होने की जानकारी मिली थी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। 2 बार पुलिस उसकी तलाश में अकोला भी गई। इस बार पक्की जानकारी थी कि बाबा अजमेर शरीफ में है। इससे पहले कि पुलिस रवाना होती, वह नागपुर के लिए रवाना हो गया।
आरपीएफ को भी इसकी जानकारी दी गई थी। पूरी ट्रेन खंगाली गई, लेकिन बाबा नहीं मिला। ऐसे में पुलिस ने भेष बदलकर शेगांव स्टेशन पर ही जाल विछाया। ट्रेन में तो वह पुलिस के हाथ नहीं लगा, लेकिन महिलाओं की जनरल बोगी की जांच करते समय वह प्लेटफॉर्म पर दिख गया।
पुलिस को देखते ही उसने भागने का प्रयास किया, लेकिन चारों तरफ से घेराबंदी करके पुलिस ने उसे दबोच लिया। इंस्पेक्टर शुभांगी देशमुख, एपीआई चेतन बोरखेडे, पीएसआई मनोज राऊत, हेड कांस्टेबल नरेश तुमडाम, विजय यादव, अर्जुन यादव, कमलेश मणेर, मनीष टोंगे, मंगल जाधव, आशीष चंदरे, संदीप पांडे, विवेक श्रीपाद और प्रवीण चव्हाण ने कार्रवाई को अंजाम दिया।