पोद्दारेश्वर राम मंदिर (सौजन्य-नवभारत)
Poddarheshwar Ram Mandir Route: मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव ‘श्रीरामनवमी’ के पावन अवसर पर आज शहर पूरी तरह राममय हो गया है। शहर के दो प्रमुख स्तंभों श्री पोद्दारेश्वर राम मंदिर और रामनगर स्थित ऐतिहासिक श्रीराम मंदिर से निकलने वाली भव्य शोभायात्राओं के स्वागत के लिए उपराजधानी सज-धज कर तैयार है।
इन दोनों ही शोभायात्राओं में इस वर्ष कुल मिलाकर 80 से अधिक जीवंत झांकियां शामिल होंगी, जो भारतीय संस्कृति और आधुनिकता का अनूठा संगम प्रस्तुत करेंगी। इस वर्ष की शोभायात्राओं में विशेष रूप से महिलाओं की ‘बुलेट झांकी’ और पहली बार प्रस्तुत की जा रही ‘संविधान में कृष्ण’ की अनोखी प्रतिकृति मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
पूरे शहर में भक्ति का उत्साह चरम पर है और व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए करीब 30 हजार समर्पित कार्यकर्ता मोर्चा संभालेंगे। जगह-जगह भव्य स्वागत द्वारों और पुष्पवर्षा के साथ प्रभु श्रीराम की अगवानी की जाएगी।
श्री पोद्दारेश्वर राम मंदिर : करीब तीन किलोमीटर लंबी श्री पोद्दारेश्वर राम मंदिर से निकलने वाली शोभायात्रा की व्यवस्था के लिए पूरे मार्ग पर स्वागत द्वार, तोरणद्वार, रामायण के दृश्य, दीप प्रज्ज्वलन और शोभायात्रा का चित्रण किया जाएगा।
यह जुलूस पोद्दारेश्वर राम मंदिर, हंसपुरी, बजेरिया, गोबिल चौक, इतवारी, सराफा बाजार, चितरओली, बड़कस चौक, केलीबाग रोड, शिवाजी चौक, तिलक प्रतिमा, फ्राइडे लेक, कॉटन मार्केट चौक, लोखंडी ब्रिज, आनंद टॉकीज, मुंजे चौक, झांसी रानी चौक, वेरायटी चौक, मानस चौक होते हुए वापस मंदिर पहुंचेगा।
शोभायात्रा मार्ग पर विभिन्न संस्थाओं व संगठनों द्वारा श्रद्धालुओं को चना पोहा, मसाला चना, आइसक्रीम, छाछ, ठंडा पानी, शरबत, बूंदी, पंजीरी प्रसाद, हलवा, फल वितरण, मिष्ठान, आलू पोहा आदि वितरित किए जाएंगे।
रामनगर स्थित ऐतिहासिक श्रीराम मंदिर से इस वर्ष भव्य शोभायात्रा का आयोजन गुरुवार को शाम 5.30 बजे से किया जाएगा। यह यात्रा आधुनिकता और परंपरा का अनूठा संगम होगी। इस वर्ष की शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण महिलाओं की विशेष ‘बुलेट झांकी’ और पहली बार प्रस्तुत की जाने वाली ‘संविधान में कृष्ण’ की अनूठी प्रतिकृति होगी।
व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए मार्ग में 30 भव्य स्वागत द्वार बनाए गए हैं और 400 स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। यह मंगल यात्रा राम मंदिर (रामनगर) से प्रारंभ होकर बाजीप्रभु चौक, लक्ष्मीभवन चौक, धरमपेठ झेंडा चौक, शंकरनगर, बजाजनगर, लक्ष्मीनगर, श्रद्धानंदपेठ, व्हीएनआयटी और गांधीनगर होते हुए पुनः राम मंदिर में संपन्न होगी। आयोजकों ने सभी रामभक्तों से इस भव्य आयोजन में सहभागी होने का आवाहन किया है।
श्री रामनवमी पर भौसले राजघराने द्वारा बीते 300 वर्षों से शोभायात्रा निकाली जा रही है। जिसे शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर कहा जाता है। इस यात्रा के दौरान पालकी में प्रभु रामचंद्र के साथ उनके भक्त श्री हनुमान की प्रतिमाओं को भक्तों द्वारा कंधों पर उठाकर पूरे शहर में भ्रमण कराया जाता है।
यह शोभायात्रा गुरुवार को कोतवाली चौक, बडकस चौक, चितारओली और गांधी पुतला मार्ग से होते हुए पुनः पैलेस पहुंचेगी। ‘सारंग कल्चरल फाउंडेशन’ द्वारा इसकी तैयारियां कर ली गई हैं। कई जगह शोभायात्रा का स्वागत किया जाएगा।
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रेशीमबाग युवा मंडल और लोकमान्य सांस्कृतिक व क्रीडा मंडल के संयुक्त तत्वावधान में श्रीराम जन्मोत्सव का आयोजन गुरुवार को शहर के रेशीमबाग रोड पर किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार दोपहर 12 बजे भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव और भव्य आरती संपन्न होगी।
इसके पश्चात दोपहर 12:30 बजे सामूहिक ‘श्रीराम रक्षा’ स्तोत्र का पठन होगा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अतुल सेनाड, सारिका सुनील नांदुरकर, रमण सेनाड, अतुल लोंढे और प्रेम झामनानी उपस्थित रहेंगे। शाम 4 बजे अवंती अमित देशपांडे एवं स्वरविहार संगीत विद्यालय के दल द्वारा भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी।
स्वावलंबीनगर स्थित श्रीराम मंदिर में भी श्रीराम जन्मोत्सव विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और गुरुवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना है। दिन की शुरुआत तड़के मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्रीराम की मूर्ति के अभिषेक, विशेष पूजा और आरती से होगी।
इसके बाद सुबह 10:30 से दोपहर 12 बजे तक ‘श्रीराम जन्मोत्सव कीर्तन’ का आयोजन किया गया है। शाम 6 से 8 बजे के बीच भगवान श्रीराम की भव्य पालकी शोभायात्रा निकाली जाएगी। मंदिर समिति ने सभी भक्तों से इन कार्यक्रमों में सम्मिलित होकर धर्मलाभ लेने का आह्वान किया है।