Nagpur News: एलपीजी की बढ़ती कीमतों और पेट्रोलडीजल की कमी से जूझ रही जनता को अब एक और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागपुर के पांचगांव, सुरगांव, ऊटी, सैकी और उमरेड क्षेत्र की खदानों में गौण खनिज गिट्टी, मुरुम आदि का शॉर्टेज पैदा हो गया है। आरोप है कि खदान मालिकों ने एसोसिएशन के नाम पर कीमत बढ़ाने के लिए 0 मार्च से खदानों की सप्लाई बंद कर दी है और सीधे 0 रुपये प्रति फुट दर बढ़ाने का निर्णय लिया है।
इस फैसले के कारण निर्माण कार्यों पर असर पड़ा है जिससे ठेकेदारों, ट्रांसपोर्टरों और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ट्रांसपोर्टरों में इस मुद्दे को लेकर खासा रोष देखा जा रहा है।
उमरेड रोड स्थित पांचगांव के खापरी फाटा पर बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टरों ने शिवसेना नेता नितिन तिवारी के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि खदान मालिक प्रति फुट रुपये के हिसाब से जबरन रॉयल्टी वसूलने का दबाव बना रहे हैं, जबकि नागपुर खंडपीठ के अनुसार रॉयल्टी केवल कच्चे माल पर ही लागू होती है।
ट्रांसपोर्टरों द्वारा ले जाया जाने वाला माल फिनिश्ड गुड्स की श्रेणी में आता है जिस पर रॉयल्टी लागू नहीं होती। ट्रांसपोर्टरों ने खदान मालिकों पर कालाबाजारी और न्यायालय की अवमानना का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि खदान मालिक माल बेचते हैं तो हर ट्रक के साथ जीएसटी बिल देना अनिवार्य होना चाहिए।
तिवारी ने आरोप लगाया कि खदान मालिक अवैध उत्खनन और ईटीएस मोजनी से बचने के लिए खदानें बंद कर कृत्रिम संकट पैदा कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द ही नागपुर जिलाधिकारी कार्यालय पर मोर्चा निकालकर कार्रवाई की मांग की जाएगी और बढ़ी हुई दर तुरंत वापस लेने की मांग की जाएगी।
ट्रांसपोर्टरों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे जनता के साथ खदानों में जाकर कथित अनियमितताओं को उजागर करेंगे। इस दौरान बबलू शेख, प्रीतम कापसे, अब्बास अली, आशीष हाड़गे, ललित बावनकर, गोपाल शर्मा सहित बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टर उपस्थित रहे।