नागपुर पुलिस का बढ़ा मान, उत्कृष्ट सेवा पर मिला सम्मान, डीजी इन्सिग्निया से नवाजे गए जवान

Nagpur Police Awards: उत्कृष्ट सेवा के लिए नागपुर के कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को डीजी इन्सिग्निया से सम्मानित किया गया, जिससे विभाग में गर्व और उत्साह का माहौल है।
Nagpur Police Honored: Personnel Awarded DG Insignia for Outstanding Service.
नागपुर पुलिस सम्मान,(प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स: सोशल मीडिया)
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DG Insignia Maharashtra: नागपुर विभाग में उल्लेखनीय सेवा के लिए हर वर्ष पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को डीजी इन्सिग्निया से सम्मानित किया जाता है। इस वर्ष पुलिस महासंचालक सदानंद दाते ने राज्य भर के 800 पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को पदक जारी किया जिनमें सिटी के डीसीपी ट्रैफिक लोहित मतानी और जोन-5 के डीसीपी निकेतम कदम का भी समावेश है।

उनके अलावा नागपुरी ग्रामीण के डीवाईएसपी रमेश बरकते, सिटी के एसीपी विलास शेंडे, क्राइम ब्रांच की इंस्पेक्टर शुभांगी देशमुख, बेलतरोड़ी के थानेदार मुकुंद कवाड़े, एसीबी की इंस्पेक्टर शुभांगी वानखेड़े, इंस्पेक्टर विनायक कोली, रमेश टाले, प्रवीण काले, कैलाश देशमाने, योगेश घारे, पीटीसी के सुरेश आस्कर, विशेष कृति दल के एपीआई मनोज कबड़े, पीएसआई राजू सिरबोइना, नीलेश घोगरे, अमोल गोखले, एएसआई अर्चना नाडार, ग्रामीण के कृष्णकुमार पांडे, अरुण जयसिंहपुरे, ज्ञानेश्वर राउत, जितेंद्र सड़माके, विनोद सिंह ठाकुर, रहमतउल्ला शेख, संजय सोनुलकर, संतोष सिंह ठाकुर, किशोर मालोकर, विजय पंचभाई, चैताली पांगुल, विजय इंगले, रवींद्र रोकड़े, विजय नेवारे, एटीएस के हेड कांस्टेबल राजेश पांडे, ग्रामीण के महेंद्र केसरे, राधेश्याम कांबले, सिटी के राम निरगुडवार, स्वप्निल बड़े, सचिन टापरे, महेश नायक, नितिन रांगणे, सचिन मांडले, फूलचंद बोकाड़े, विजय लोनबले, रंजना भांगे, संजय शाहू, आनंद मरसकोल्हे, सुहास शिंगणे, प्रीतम राऊत, एसआईडी के सतीश करमरकर, सिटी के कांस्टेबल अश्विन मांगे और सुनील कुंवर का समावेश है।

डीसीपी कदम को दोगुनी खुशी

डीसीपी निकेतन कदम के लिए गुरुवार का दिन दोगुनी खुशी लेकर आया। उन्हें डीजी पदक के साथ ही तबादले में जिले की जिम्मेदारी मिली है। उन्हें अमरावती ग्रामीण की कमान सौंपी गई है। कदम ने शहर में तैनाती के दौरान बेहतरीन काम किया।

अधिकारियों द्वारा दिए गए हर एक टास्क को उन्होंने पूरा किया। बीते वर्ष महल में हुई सांप्रदायिक हिंसा में भी उन्होंने अग्रसर रहकर मोर्चा संभाला। इसके अलावा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंधक कार्रवाई पर जोर दिया।