मिनी महापौर महिला (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Zone Elections Dispute: नागपुर में प्रशासक राज के 4 वर्षों के बाद मनपा में अब तमाम पदों पर नियुक्तियां हो चुकी हैं। घोषणा के अनुसार सत्ता पक्ष भाजपा की ओर से महानगरपालिका में पहली बार पूरी तरह से महिला राज स्थापित कर दिया। इसी क्रम में अब 16 अप्रैल को जोन सभापति ‘मिनी महापौर’ के रूप में भी महिला राज जारी रखने के संकेत सत्ता पक्ष की ओर से दिए गए हैं।
इसी बीच अब 16 को जोन सभापति (मिनी महापौर) के चुनाव की घोषणा के संकेत मिलते ही सत्ता पक्ष भाजपा के पार्षदों में रस्साकसी शुरू हो गई है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में हुई मनपा की सभा में विषय समितियों का चयन किया गया। जिसमें पहली बार सत्ता पक्ष भाजपा की ओर से सभी समितियों पर महिलाओं को मौका दिया गया है।
जानकारों के अनुसार चूंकि पार्षदों में मची होड़ और उनके आका विधायकों द्वारा भी दावेदारी किए जाने से मसला जटिल हुआ। विषय समितियों के सभापति की माथापच्ची अभी खत्म ही हुई थी कि अचानक जोनल समितियों के चुनाव को लेकर सत्ता पक्ष की सिरदर्दी शुरू हो गई है।
जानकारों के अनुसार भले ही जोन सभापति बनने के लिए जोन अंतर्गत आने वाले प्रभागों में चुनी गई महिला पार्षदों में होड़ मची हो लेकिन भाजपा की शहर इकाई की ओर से किस जोन में किसे मिनी महापौर बनाया जाए, इसे लेकर मंथन किया जा चुका है। यहां तक कि प्रत्येक जोन की मिनी महापौर भी तय की जा चुकी है।
नियमों के अनुसार जिस जोन में जिस पार्टी के पार्षद अधिक होंगे उसी दल का मिनी महापौर होगा। इस नियम के अनुसार मनपा के 10 जोन में से 8 जोन में भाजपा और 2 जोन में अन्य विपक्षी दल कांग्रेस का मिनी महापौर बनने की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार मनपा के आम चुनावों में भाजपा में पुरुष पार्षदों से अधिक महिला पार्षद चुनकर आई हैं। यहां तक कि उन्हें प्रतिनिधित्व देते हुए सत्ता पक्ष ने कई समितियों पर महिलाओं को कार्य करने का मौका दिया है। जिससे अब मिनी महापौर के रूप में वरिष्ठ पार्षदों को मौका मिलने की संभावना सूत्रों ने जताई।
बताया जाता है कि भले ही भाजपा में मिनी महापौर बनने के लिए रस्साकसी चल रही हो, किंतु 8 जोन में भाजपा का मिनी महापौर बनना तय है। इसी तरह से मंगलवारी जोन में कांग्रेस का बहुमत होने के कारण यहां कांग्रेस का मिनी महापौर बनने से इंकार नहीं किया जा सकता है किंतु आसीनगर जोन में मामला अटका हुआ है।
16 सदस्यीय जोन समिति में कांग्रेस के 7 सदस्य हैं, जबकि एमआईएम और मुस्लिम लीग के भी 7 सदस्य हैं। इसके अलावा भाजपा और बहुजन समाज पार्टी का 1-1 सदस्य है जिससे आसीनगर जोन में संघर्ष देखने को मिल सकता है। जानकारों की माने तो मनपा में मुस्लिम लीग हमेशा से सत्ता पक्ष भाजपा के साथ रहा है। ऐसे में आसीनगर जोन में उनका केवल एक सदस्य होने से उसका समर्थन मुस्लिम लीग को मिल सकता है जिससे आसीनगर जोन में मुस्लिम लीग का सभापति भी बन सकता है।
राजनीतिक जानकारों की माने तो इसके पूर्व एक बार आसीनगर जोन में पक्ष और विपक्ष के बीच बराबरी होने के कारण यहां पर चिट्ठी निकाली गई थी। इसी तरह से यदि सभापति के चुनाव में यदि बहुजन समाज पार्टी के सदस्य ने कांग्रेस को समर्थन दिया या फिर यदि भाजपा और बसपा मिनी महापौर के चुनाव में तटस्थ रहे, तो भी सभापति का चयन चिट्ठी (लाटरी) से तय किया जा सकता है। बहरहाल मुस्लिम लीग की ओर से सभापति बनाने के लिए एढ़ी-चोंटी का जोर लगाया जा रहा है।
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एक ओर जहां मिनी महापौर के लिए तमाम संघर्ष के बावजूद सत्ता पक्ष भाजपा की ओर से लगभग नामों पर मुहर लगाई जा चुकी है वहीं दूसरी ओर केवल 2 जोन में मिनी महापौर बनाने का मौका होने के बावजूद कांग्रेस की ओर से अबतक नाम तय नहीं किए जा सके हैं। जानकारों की माने तो प्रत्येक जोन में 5 वर्ष में 5 मिनी महापौर बनाए जा सकते हैं।
ऐसे में मंगलवारी जोन में कांग्रेस के 5 पार्षदों को मौका मिल सकता है। चूंकि मंगलवारी जोन के कुछ पार्षदों को पहले ही अन्य महत्वपूर्ण समितियों में मौका दिया जा चुका है। ऐसे में विपक्ष को भी नाम तय करने में किसी तरह की परेशानी नहीं हो सकेगा। तमाम संभावना के बावजूद नाम तय होने में अभी समय होने की जानकारी सूत्रों ने दी।