

संभावित जल संकट से निपटने के लिए नागपुर मनपा ने 7 सूत्रीय कार्यक्रम तैयार किया।
शहर के 400 सार्वजनिक कुओं पर MEDA के सहयोग से सोलर डुअल पंपिंग सिस्टम लगाया जाएगा।
16 करोड़ रुपये की योजना से प्रतिदिन 20 मिलियन लीटर पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य।
10 एसटीपी केंद्रों पर हाइड्रेंट लगाने के लिए 41 लाख रुपये खर्च होंगे।
जलवाहिनियों के लीकेज, अवैध नल कनेक्शन और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग पर भी जोर।
NMC Nagpur 7 Point Water Conservation Plan:संभावित जल संकट से निपटने के लिए नागपुर मनपा ने 7 सूत्रीय जल संरक्षण कार्यक्रम तैयार किया है। इसके तहत 400 सार्वजनिक कुओं पर सोलर पंप लगाए जाएंगे, 10 एसटीपी केंद्रों पर हाइड्रेंट बनाए जाएंगे और जलवाहिनियों के लीकेज रोकने के लिए विशेष टीमें तैनात होंगी। मनपा का लक्ष्य पानी की बचत और वैकल्पिक जलस्रोतों का उपयोग बढ़ाना है।
नागपुर, जलसंपदा विभाग की ओर से पानी कटौती के निर्देश दिए जाने के बाद नागपुर महानगरपालिका ने संभावित जल संकट से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। भले ही सरकार और प्रशासन पर्याप्त पेयजल उपलब्ध होने का दावा कर रहे हों, लेकिन भविष्य में पानी की किल्लत की आशंका को देखते हुए मनपा ने जल संरक्षण और पानी की बचत के लिए 7 सूत्रीय कार्यक्रम तैयार किया है।
महापौर नीता ठाकरे ने शहरवासियों से अपील की है कि वे इन उपायों की सफलता के लिए सहयोग करें। उनकी अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर ने प्रशासनिक उपायों का पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतीकरण किया। इसके बाद जनप्रतिनिधियों के सुझावों को शामिल कर कार्यक्रम निश्चित किया गया।
नागपुर शहर के 860 सार्वजनिक कुओं में से 400 कुओं पर महाराष्ट्र ऊर्जा विकास अभिकरण (MEDA) के सहयोग से सोलर डुअल पंपिंग सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। इस योजना के लिए 16 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इसके माध्यम से प्रतिदिन 20 मिलियन लीटर पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
मनपा के 10 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) केंद्रों पर हाइड्रेंट स्थापित किए जाएंगे। इस पर अनुमानित 41 लाख रुपये खर्च होंगे। इन हाइड्रेंट के माध्यम से उपचारित पानी का उपयोग निर्माण कार्यों, उद्यानों, कार वॉशिंग, अग्निशमन, रेलवे, हवाई अड्डे और अस्पतालों में किया जाएगा। मनपा के अनुसार, इस व्यवस्था से रोजाना करीब 20 मिलियन लीटर पेयजल की बचत हो सकेगी।
जलवाहिनियों से होने वाले रिसाव को रोकने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। अत्याधुनिक रोबोकैम तकनीक से पाइपलाइन में लीकेज का पता लगाकर मरम्मत की जा रही है। इससे प्रतिदिन 3.15 मिलियन लीटर पानी बचाने का लक्ष्य है। छोटी-मोटी लीकेज की शिकायतों को 24 घंटे के भीतर ठीक करने के लिए भी विशेष दस्ते तैनात किए गए हैं।
अनधिकृत नल कनेक्शनों की पहचान कर उन्हें नियमित करने की योजना बनाई गई है। इससे मनपा को राजस्व भी मिलेगा। महापौर ने झुग्गी-बस्तियों में पानी के अत्यधिक उपयोग को नियंत्रित करने के लिए मीटर लगाने और अवैध कनेक्शनों को नियमित करने की नीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
ग्राउंड वॉटर सर्वे एंड डेवलपमेंट एजेंसी (जीएसडीए) के सहयोग से मनपा की सभी इमारतों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग प्रणाली स्थापित की जाएगी। नागरिकों को भी अपने परिसरों में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
सत्ता पक्ष नेता बाल्या बोरकर ने रेन वॉटर हार्वेस्टिंग को शहर में अनिवार्य बनाने और दिवाली के बाद अवैध नल कनेक्शनों को नियमित करने के लिए शिविर आयोजित करने का सुझाव दिया।
बैठक में उपमहापौर लीला हाथीबेड, स्थायी समिति सभापति शिवानी दाणी, सत्ता पक्ष नेता बाल्या बोरकर, विपक्ष नेता संजय महाकालकर, मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर, जल प्रदाय समिति सभापति दिव्या धुरडे सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के गट नेता और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।