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अमरावती के गाडगेनगर पुलिस ने कथित धोखाधड़ी के मामले में मुख्य आरोपी स्वप्निल अनिल भुईभार को पुणे से गिरफ्तार किया।
आरोपी ने मुथूट फिनकॉर्प और सीएसबी बैंक में होने वाली सोने की नीलामी में साझेदारी का भरोसा दिलाकर शिकायतकर्ता से नकदी और सोना लिया।
शिकायत के अनुसार, 9 फरवरी 2024 से 6 मार्च 2026 के बीच विक्रम गुप्ता और उनके परिवार से 1 करोड़ 48 लाख 10 हजार रुपये नकद लिए गए।
Amravati Gold Fraud Case: अमरावती जिले के गाडगेनगर थाना क्षेत्र में सोने की नीलामी प्रक्रिया में साझेदार होने का झांसा देकर और दोस्ती का फायदा उठाते हुए एक व्यक्ति से 1 करोड़ 12 लाख रुपए से अधिक की कथित धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया था। इस मामले में गाडगेनगर पुलिस ने मुख्य आरोपी स्वप्निल भुईभार को पुणे से गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य दो महिला आरोपी फरार बताई गई है। शिकायत के अनुसार स्वप्निल भुईभार की वर्ष 2023 से विक्रम गुप्ता के साथ मित्रता थी।
घर पर नियमित आना-जाना होने के कारण परिवार के लोगों का भी उस पर विश्वास था। इसी विश्वास का फायदा उठाकर स्वप्निल ने खुद को मुथूट फिनकॉर्प और सीएसबी बैंक में होने वाली सोने की नीलामी प्रक्रिया से जुड़ा बताया। जनवरी 2024 में उसने नीलामी में पैसे लगाने के लिए रकम की कमी होने की बात कहते हुए विक्रम से नकद राशि और सोना लिया।
नीलामी पूरी होने के बाद रकम और सोना लौटाने का भरोसा दिलाया गया। शिकायत में बताया गया है कि 9 फरवरी 2024 से 6 मार्च 2026 के बीच विक्रम और उनके परिवार के अन्य सदस्यों से अलग-अलग चरणों में कुल 1 करोड़ 48 लाख 10 हजार रुपए नकद लिए गए। इसमें से आरोपी ने 77.34 लाख रुपए लौटाए, जबकि शेष रकम वापस नहीं की गई। इसके अलावा सोने के जेवर भी लेने का आरोप है। इस तरह कुल बकाया रकम और सोने को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
शिकायतकर्ता ने जब शेष रकम वापस मांगी तो आरोपी ने थर्ड पार्टी ट्रांजेक्शन के कारण बैंक खाता फ्रीज होने की बात कही। मार्च 2026 के अंत तक खाता शुरू होने का भरोसा देकर उसने दौबारा पैसों की जरूरत बताई। इसी दौरान 31 मई 2025 को विक्रम ने आरोपी को 145.4 ग्राम सोना दिया।
आरोप है कि स्वप्निल ने यह सोना अपने नाम पर मुथूट फिनकॉर्प में गिरवी रख दिया। इसके बाद 7 जुलाई 2025 को विक्रम ने 153 ग्राम सोने के जेवर भी गिरवी रखने के लिए दिए। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने यह सोना सीएसबी बैंक में गिरवी रखा था।
संबंधित बैंक में जाकर पूछताछ करने पर इन लेन-देन को लेकर संदेह पैदा हुआ और कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी स्वप्निल अनिल भुईभार को पुणे में उसके मित्र के फ्लैट से गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी शुक्रवार सुबह किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं दो महिला आरोपी फरार बताए गए है।