Nagpur News: मनपा और ग्रीन विजिल ने मनाया जल जनजागृति सप्ताह, 22 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय जल दिवस

नागपुर महानगरपालिका के अमृत महोत्सव वर्ष के अवसर पर नागपुर महानगरपालिका और ग्रीन विजिल फाउंडेशन संयुक्त रूप से जनजागृति सप्ताह के साथ विश्व जल दिवस मना रहे हैं।
मनपा और ग्रीन विजिल ने मनाया जल जनजागृति सप्ताह
मनपा और ग्रीन विजिल ने मनाया जल जनजागृति सप्ताह। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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नागपुर: नागपुर महानगरपालिका के अमृत महोत्सव वर्ष के अवसर पर नागपुर महानगरपालिका और ग्रीन विजिल फाउंडेशन संयुक्त रूप से जनजागृति सप्ताह के साथ विश्व जल दिवस मना रहे हैं। अभियान की शुरुआत बुधवार 19 मार्च को महाराजबाग क्षेत्र से की गई। इस अवसर पर नगर निगम जनसंपर्क अधिकारी मनीष सोनी, ग्रीन विजिल फाउंडेशन के कौस्तुभ चटर्जी, सुरभि जायसवाल आदि उपस्थित थे।

इस वर्ष की विश्व जल दिवस की थीम - ग्लेशियर संरक्षण पर, विश्व जल दिवस मनाया गया। अभियान के दौरान, नागरिकों को विभिन्न जल संबंधी मुद्दों, जल संसाधनों के संरक्षण की आवश्यकता, जलवायु संकट, घटते भूजल स्तर, प्रकृति आधारित समाधानों को लागू करने जैसे कि झीलों का जीर्णोद्धार और गाद निकालना, वर्षा जल संचयन, जल निकायों में निपटान से पहले सीवेज सहित अपशिष्ट जल का उपचार, जलमार्गों के साथ वनस्पति के बफर जोन बनाना आदि पर नागरिकों को शामिल किया गया।

जल की कमी की समस्या

नागरिकों को इस गर्मी में नागपुर में होने वाली जल की कमी से भी परिचित कराया गया और जल संरक्षण तरीकों को लागू करके और अपने जल पदचिह्नों को कम करने के उपाय भी बताए गए। पिछले एक सप्ताह से, ग्रीन विजिल जल संरक्षण और वहनीयता पर नागपुर शहर के विभिन्न हिस्सों में डोर टू डोर अभियान चला रहा है। विश्व जल दिवस एक अंतर्राष्ट्रीय दिवस है जो 22 मार्च को प्रतिवर्ष मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य मीठे जल संसाधनों के सतत प्रबंधन की वकालत करना है, जिसे वर्ष 1993 में रियो डी जेनेरियो में पर्यावरण और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में अनुशंसित किया गया था। महाराष्ट्र की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

ग्रीन विजिल फाउंडेशन

ग्रीन विजिल फाउंडेशन की टीम लीड सुरभि जायसवाल ने कहा कि ग्लेशियर पहले से कहीं अधिक तेजी से पिघल रहे हैं। जैसे-जैसे ग्रह गर्म होता जा रहा है, हमारी जमी हुई दुनिया सिकुड़ती जा रही है, जिससे जल चक्र अधिक अप्रत्याशित होता जा रहा है। अरबों लोगों के लिए, पिघले पानी का प्रवाह बदल रहा है, जिससे बाढ़, सूखा, भूस्खलन और समुद्र का स्तर बढ़ रहा है। अनगिनत समुदाय और पारिस्थितिकी तंत्र विनाश के जोखिम में हैं।

जलवायु परिवर्तन

जैसा कि हम जलवायु परिवर्तन को कम करने और उसके अनुकूल होने के लिए मिलकर काम करते हैं, ग्लेशियर संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमें ग्लेशियरों के पीछे हटने की गति को धीमा करने के लिए ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करना चाहिए। और, हमें पिघले पानी का अधिक स्थायी रूप से प्रबंधन करना चाहिए। हमारे ग्लेशियरों को बचाना लोगों और ग्रह के लिए एक अस्तित्व की रणनीति है। ग्रीन विजिल फाउंडेशन के मेहुल कोसुरकर, शितल चौधरी, बिष्णुदेव यादव, श्रिया जोगे, प्रिया यादव, पार्थ जुमडे, तुषार देशमुख, पिनाकी बनिक, प्रतिक इसमपल्लीवार, माही कोल्हे एवं बाकी सदस्यों ने इस अभियान में भाग लिया।

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