जादू की झप्पी दे रहे थे भाजपा-कांग्रेस के बड़े नेता, उधर केंद्र के बाहर भिड़े समर्थक; नागपुर का रोचक नजारा

Nagpur MLC Counting Centre Clash: नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के दौरान दिलचस्प नजारा देखने को मिला। भीतर जहां भाजपा-कांग्रेस के नेता गले मिलते दिखे, वहीं बाहर समर्थक आपस में भिड़ गए।
nagpur mlc election bjp congress leaders hug supporters clash
भाजपा और कांग्रेस विधायक और केंद्र के बाहर भीड़े समर्थक(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Highlights

  • नागपुर मतगणना केंद्र के बाहर भाजपा और कांग्रेस समर्थक आपस में भिड़े।

  • केंद्र के अंदर विरोधी दलों के दिग्गज नेता गले मिलते नजर आए।

  • उत्तेजित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।

BJP Congress Leaders Hug Nagpur: महाराष्ट्र विधान परिषद के नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के दौरान एक बेहद अनोखा और विरोधाभासी नजारा देखने को मिला। एक तरफ जहां मतगणना केंद्र के भीतर विरोधी पार्टियों के शीर्ष नेता राजनीतिक दुश्मनी को भूलकर एक-दूसरे को गले लगा रहे थे, वहीं दूसरी तरफ केंद्र के ठीक बाहर दोनों ही दलों के कार्यकर्ता आपस में बुरी तरह भिड़ गए।

मतगणना केंद्र के भीतर नेताओं की झप्पी

मानकापुर स्थित विभागीय क्रीड़ा संकुल के मतगणना केंद्र के अंदर का माहौल राजनीतिक सौहार्द की अद्भुत मिसाल पेश कर रहा था। जैसे ही कांग्रेस के विधान परिषद उम्मीदवार अभिजीत वंजारी मतगणना केंद्र में दाखिल हुए, भाजपा विधायक प्रवीण दैटके ने उन्हें आवाज देकर पास बुलाया। इसके बाद दोनों नेता करीब आए और उन्होंने एक-दूसरे को गले लगा लिया।

केवल इतना ही नहीं, कांग्रेस विधायक विकास ठाकरे और प्रवीण दटके के भी एक-दूसरे से गले मिलने के वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। मतगणना केंद्र पर मौजूद दोनों दलों के समर्थकों और अधिकारियों के लिए नेताओं के बीच आत्मीयता का यह दृश्य एक सुखद आश्चर्य की तरह था।

मतगणना केंद्र के बाहर नारेबाजी और हाथापाई

लेकिन रात को मतगणना केंद्र की दीवार के ठीक बाहर का नजारा बिल्कुल इसके विपरीत और तनावपूर्ण था। मानकापुर खेल परिसर के बाहर मंगलवार रात से बुधवार तड़के तक दोनों पार्टियों के समर्थकों के बीच जबर्दस्त राजनीतिक गहमागहमी बनी रही। जैसे-जैसे राउंड दर राउंड वोटों की गिनती आगे बढ़ी और कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने निर्णायक बढ़त बनानी शुरू की, दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं की धड़कनें और बेचैनी चरम पर पहुंच गई।

जीत की उम्मीद से उत्साहित कांग्रेसी कार्यकर्ता मतगणना केंद्र के मुख्य द्वार पर आ पहुंचे और वोट चोरी के आरोप लगाते हुए जोरदार नारेबाजी करने लगे। उनके जवाब में भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता भी भारी संख्या में जमा हो गए और उन्होंने भी कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

देखते ही देखते दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। शुरुआती कहासुनी और धक्का-मुक्की जल्द ही तीखी बहस व हाथापाई में बदल गई। माहौल इस कदर गरमा गया कि स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा और उग्र भीड़ को दूर हटाने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।

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पुलिस वाहन पर चढ़े उत्साही कार्यकर्ता

जोश और अति-उत्साह में आए कुछ कांग्रेसी कार्यकर्ता पुलिस की गाड़ी पर ही चढ़ गए। स्थिति को अनियंत्रित होते देख पुलिस ने तुरंत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और मौके से हटाया।

हालांकि, जैसे ही चुनाव परिणाम की औपचारिक घोषणा हुई और अभिजीत वंजारी की जीत पक्की हो गई, पुलिस ने हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया। घटना के बाद सुरक्षा के लिहाज से मतगणना केंद्र के बाहर देर रात तक अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा।

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20 मिनट के लिए CCTV बंद होने से बढ़ा विवाद

इस पूरे घटनाक्रम के बीच मतगणना केंद्र और स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में बड़ी चूक की खबर भी सामने आई। मतगणना केंद्र पर तैनात पुलिस मुख्यालय के हेड कांस्टेबल राहुल वानखेड़े ने थकान के कारण चेहरे पर पड़ रही तेज हैलोजन लाइट को बंद करने के प्रयास में गलती से बिजली का मेन पिन निकाल दिया, जिससे करीब 20 मिनट तक CCTV कैमरे बंद रहे। सीसीटीवी बंद होने पर उम्मीदवार द्वारा आपत्ति दर्ज कराने के बाद पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने मामले की जांच कराकर दोषी हेड कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

नेताओं का एक-दूसरे से गले मिलना और समर्थकों का सड़क पर आपस में भिड़ जाना, नागपुर के इस ऐतिहासिक चुनाव का एक ऐसा पहलू बन गया जो लंबे समय तक चर्चा में रहेगा।