15 मिनट की लापरवाही ने छीन ली जिंदगी, पानी की बाल्टी में डूबने से 11 महीने की मासूम की मौत
Nagpur News: नागपुर के खापा में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है, जहां 11 महीने की संध्या की पानी से भरी बाल्टी में डूबने से मौत हो गई। लापरवाही या दुर्भाग्य? पढ़ें पूरी खबर।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
Nagpur Child Drowns In Bucket: नागपुर जिले के खापा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ‘वुड्स प्लाई कंपनी’ परिसर से एक ऐसी खबर आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक मजदूर परिवार की महज 11 महीने की मासूम बच्ची, संध्या टेकाम की पानी से भरी एक बाल्टी में डूबने के कारण मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब मासूम घर में अपने पिता के साथ थी।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक संध्या का परिवार मूल रूप से मध्य प्रदेश का रहने वाला है और रोजी-रोटी की तलाश में खापा स्थित वुड्स प्लाई कंपनी में मजदूरी करता है। घटना वाले दिन सुबह मासूम की मां हमेशा की तरह अपने काम पर निकल गई थी। घर में नन्ही संध्या अपने पिता मंजीत टेकाम के साथ थी।
बताया जा रहा है कि पिता मंजीत कुछ काम से दूसरे कमरे में गए थे। इसी बीच, घुटनों के बल चलने वाली संध्या खेलते-खेलते घर में रखी पानी से भरी बाल्टी के पास पहुंच गई। खेलते समय अचानक बच्ची का संतुलन बिगड़ा और वह सिर के बल बाल्टी के भीतर जा गिरी। बाल्टी पानी से पूरी तरह भरी होने के कारण मासूम खुद को बाहर नहीं निकाल पाई।
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20 मिनट तक अनभिज्ञ रहे पिता
सबसे दुखद पहलू यह रहा कि करीब 15 से 20 मिनट तक पिता को इस बात का अहसास ही नहीं हुआ कि उनकी बेटी के साथ क्या अनर्थ हो गया है। जब वे कमरे में वापस आए और संध्या को बाल्टी में बेसुध पड़ा देखा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पिता के शोर मचाने पर आसपास के लोग और कंपनी प्रबंधन के लोग इकट्ठा हुए।
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अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
घटना की सूचना तत्काल खापा पुलिस को दी गई। कंपनी प्रबंधन और परिजनों ने तुरंत बच्ची को लेकर सावनेर के नजदीकी अस्पताल की ओर दौड़ लगाई। प्राथमिक जांच के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे नागपुर रेफर कर दिया। हालांकि, नागपुर पहुंचने पर डॉक्टरों ने बच्ची को ‘ब्रॉट डेड‘ (मृत अवस्था में लाया गया) घोषित कर दिया।
पुलिस ने दर्ज किया आकस्मिक मृत्यु का मामला
खापा पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इसमें किसी प्रकार की अन्य लापरवाही भी शामिल थी। इस घटना के बाद से पूरी कंपनी और मजदूर बस्ती में सन्नाटा पसरा हुआ है। एक हंसता-खेलता परिवार इस लापरवाही की भारी कीमत चुका चुका है।
