सनविजय ग्रुप पर छापा (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Steel Industry Tax Evasion Nagpur: नागपुर में स्टील हॉट रोलिंग और स्ट्रक्चरल स्टील निर्माण में भारत के प्रमुख खिलाड़ियों में से एक सनविजय समूह पर मंगलवार को आयकर विभाग की छापेमारी हुई। सुबह से ही विभागीय अधिकारी समूह के 7-8 स्थानों पर दबिश दे रहे हैं, समाचार लिखे जाने तक कार्रवाई जारी थी। आयकर विभाग मुंबई की टीम की पहल पर यह कार्रवाई हुई है।
कार्रवाई में 50 से अधिक अधिकारियों के शामिल होने की जानकारी है। जानकारों ने बताया कि सनविजय समूह ने हाल ही में कुछ प्लांट (इकाई) बेचने का निर्णय लिया है। बड़े सौदे हुए हैं और कुछ पाइपलाइन में हैं। इन सौदों को लेकर आयकर विभाग के कान खड़े हो गए और अब मेहमान पहुंच गए हैं।
नागपुर में मोक्षधाम स्थित कार्यालय, बूटीबोरी, हिंगना सहित उनके आवास पर छापेमारी हुई है। इसके साथ ही घुग्घुस और अन्य संयंत्रों को भी कार्रवाई में शामिल किया गया है। समूह की सहयोगी कंपनी वरुण ऑटोकार्ट लि. पर भी कार्रवाई की गई है और यह कार्रवाई खूब चर्चा में रही।
सूत्रों ने बताया कि समूह ने पिछले दिनों ही इस कंपनी का अधिग्रहण किया है और एक चर्चित नाम भी सामने आ रहा है। कार्रवाई में इसे भी शामिल किया जाना ही ‘चर्चा’ का विषय है। वरुण का रामनगर में कार्यालय है। कंपनी एल्युमिनियम सेक्टर में बड़े पैमाने पर काम कर रही है।
कंपनी कम्यूनिकेशन टॉवर, ट्रांसमिशन लाइन टॉवर, विंड मिल टॉवर, शिप बिल्डिंग, रेलवे, सोलर सेक्टर को बड़े पैमाने पर जरूरत के अनुसार स्टील की आपूर्ति करती है।
यह भी पढ़ें – अशोक खरात ने 5 लोगों की दी नरबलि! नासिक सेक्स स्कैंडल मामले में खुले कई राज, कोर्ट भी चकराया
आयकर विभाग को इन संपत्ति की बिक्री में भारी वित्तीय अनियमितताओं का संदेह है। इन सौदों की पूरी राशि को आधिकारिक खातों में दिखाया गया है या इसमें ‘कैश कंपोनेंट’ का उपयोग हुआ है। इसकी जांच की जा रही है।
विभाग को कुछ संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं लेकिन जब्त की गई नकदी या सोने के बारे में अभी कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है।