फुटाला फाउंटेन (सौजन्य-नवभारत)
Nitin Gadkari Futala Project: नागपुर में लंबे समय से बंद पड़े फुटाला फाउंटेन प्रोजेक्ट को दुरुस्त करने का मुहूर्त निकला था। काम शुरू भी हो गया था, लेकिन इस बीच ‘गल्फ युद्ध’ हो गया। इस युद्ध की आंच फुटाला तालाब तक पहुंच चुकी है। जानकारों की मानें तो जो केबल और उपकरण फुटाला के लिए आने वाले थे, वे अटक गए हैं।
हालांकि युद्ध के पहले जो माल आ गए थे, अभी उसी से काम चलाया जा रहा है। युद्ध नहीं रुकता है, तो इस प्रोजेक्ट पर सीधे तौर पर असर होगा और एक बार फिर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ सकता है।
दरअसल, उद्घाटन की प्रतीक्षा कर रहे फुटाला फाउंटेन के लिए नए वायर दमन से नागपुर लाए गए हैं, लेकिन दुरुस्ती के लिए फ्रांस की विशेषज्ञ टीम समय पर नहीं पहुंच सकी। महामेट्रो और ठेकेदारों के अनुसार, युद्ध की स्थिति के चलते टीम फिलहाल नागपुर नहीं आ पा रही है। इस बीच सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय शासन के पक्ष में आने के बाद प्रोजेक्ट शुरू करने का रास्ता साफ हुआ था।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की संकल्पना से तैयार इस परियोजना को शुरू करने के लिए महामेट्रो और खडतकर कंस्ट्रक्शन-स्टूडियो वन की टीम काम में जुटी है। हालांकि लंबे समय से बंद रहने के कारण कई उपकरण खराब हो चुके हैं, जिससे मरम्मत की लागत 10 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
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फाउंटेन के केबल्स पर जमी काई के कारण यह प्रोजेक्ट मई 2023 में उद्घाटन से पहले ही बंद पड़ गया था। बाद में आईआईटी मुंबई से केबल्स की जांच कराई गई और नए केबल डालने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके लिए तालाब के पास विशेष व्यवस्था भी की जा रही है।
प्रशासन के मुताबिक, फ्रांस की टीम फरवरी के अंत तक आने वाली थी, लेकिन मध्यपूर्व, अमेरिका और यूरोप में बढ़ते युद्ध के कारण उनका दौरा टाल दिया गया। अब टीम कब आएगी और फाउंटेन कब शुरू होगा, इस पर अनिश्चितता बनी हुई है। फिलहाल, फुटाला परिसर में सौंदर्यीकरण के कुछ अस्थायी काम जारी हैं, लेकिन मुख्य फाउंटेन शुरू होने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।