नागपुर में ईंधन बचत की अपील का असर, महावितरण ने अपनाए ई-वाहन; जेडपी कर्मी करेंगे बस-मेट्रो सफर

Nagpur News: ईंधन बचत के लिए महावितरण ने इलेक्ट्रिक वाहन अपनाए हैं और जिला परिषद कर्मचारियों ने सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक परिवहन के उपयोग का निर्णय लिया है। मनपा में वाहनों पर खर्च जारी है।
Following PM Modi's fuel-saving appeal, Mahavitran switched to EVs, while Nagpur ZP staff pledged to use public transport weekly. NMC faces scrutiny over vehicle expenses.
नागपुर मनपा प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Nagpur Municipal Corporation Petrol Diesel Saving: खाड़ी देशों में युद्ध जैसी स्थिति के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईंधन बचाने, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने और ऊर्जा संरक्षण की अपील की है। इसके विपरीत महानगरपालिका (मनपा) में किराये के वाहनों का बढ़ता बेड़ा और उस पर खर्च हो रहे लाखों रुपये अब एक गंभीर चर्चा का विषय बन गए हैं। प्रधानमंत्री की अपील स्वयं मनपा के सत्ता पक्ष भाजपा द्वारा होने का अनुमान इस बात से भी लगाया जा सकता है कि अब तक किसी भी पदाधिकारी ने मनपा को वाहन वापस नहीं किए हैं।

सभी पदाधिकारियों के पास वाहन बने हुए हैं जिसकी जानकारी प्रशासन द्वारा उजागर की गई। उल्लेखनीय है कि 2 दिन पहले स्थायी समिति सभापति बस से मनपा पहुंची थी। एक ओर स्थायी समिति सभापति बस से यात्रा कर रही है। वहीं दूसरी ओर उन्हें आवंटित वाहन वापस नहीं होने की जानकारी प्रशासन द्वारा उजागर की जा रही है जिससे मनपा गलियारों में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है।

प्रतिष्ठा का विषय बने वाहन

मनपा के विभिन्न विभागों द्वारा चारपहिया गाड़ियां, एसयूवी (SUV), बोलेरो पिकअप, जेमिनी ट्रक, पानी के टैंकर, हाइड्रोलिक लैडर और पशु एम्बुलेंस जैसे वाहन किराये पर लिए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि जो प्रशासन आम नागरिकों को ईंधन बचाने की सलाह देता है वह स्वयं वाहनों के उपयोग में कोई कटौती नहीं कर रहा है। अधिकारी, विभागाध्यक्ष और जनप्रतिनिधियों के लिए अब इन वाहनों का उपयोग जरूरत से ज्यादा प्रतिष्ठा (स्टेटस सिंबल) का विषय बन गया है।

अक्सर देखा गया है कि एक ही काम के लिए 2 2 वाहनों का इस्तेमाल होता है, जबकि कई वाहन दिनभर कार्यालय के बाहर ही खाली खड़े रहते हैं। लाखों में पहुंच रहा खर्च वर्तमान में मनपा के विभिन्न विभागों में 100 से अधिक वाहन कार्यरत हैं। इनमें से कुछ वाहनों का मासिक किराया 40 से 50 हजार रुपये है, जबकि कुछ के लिए प्रति दिन हजारों रुपये का अनुबंध किया गया है। यदि इन वाहनों के ईंधन, ड्राइवर के वेतन, रखरखाव और अतिरिक्त भत्तों को मिला दिया जाए तो यह कुल खर्च लाखों रुपये तक पहुंच जाता है।

प्रधानमंत्री ने निजी वाहनों के बजाय 'मेट्रो' का उपयोग करने की सलाह दी है जिससे यह अपेक्षा की जा रही थी कि पदाधिकारी और अधिकारी निजी वाहनों का उपयोग कम करके मेट्रो या इलेट्रिक वाहनों को प्राथमिकता देंगे। इसके विपरीत पर्यावरण के अनुकूल संदेश देने के लिए पूर्व आयुक्त राधाकृष्णन बी. द्वारा शुरू की गई 'एक दिन साइकिल डे' योजना अब पूरी तरह से ठंडे बस्ते में डाल दी गई है।

अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा साइकिल से कार्यालय आने की यह पहल केवल फोटो खिंचवाने तक ही सीमित रह गई थी। सत्तापक्ष के नेता ने लौटाया वाहन, आज होगी अहम बैठक इस मुद्दे पर विवाद बढ़ता देख मनपा में सत्तापक्ष के नेता बाल्या बोरकर ने मनपा द्वारा दिया गया वाहन वापस कर दिया है और अपने निजी वाहन का उपयोग करना शुरू कर दिया है। बोरकर ने बताया कि 15 मई को भाजपा की एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है जिसमें इस बात पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा कि पार्टी के पदाधिकारी मनपा के वाहनों का उपयोग करेंगे या नहीं।

ईंधन बचत में महावितरण आगे

पश्चिम एशिया संकट की पृष्ठभूमि में ईंधन बचत के लिए पेट्रोल और डीजल वाहनों के बजाय इलेवट्रिक वाहनों के उपयोग की अपील प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री ने की है। महावितरण ने इस पर अमल शुरू कर दिया है। अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक लोकेश चंद्र सहित सभी निदेशकों और कार्यकारी निदेशकों ने इलेवट्रिक वाहनों का उपयोग शुरू कर दिया है। इसी क्रम में 14 मई को सभी निदेशकों के लिए नए इलेवट्रिक वाहन उपलब्ध कराए गए, जिनका उपयोग भी शुरू कर दिया गया, राज्य सरकार की इलेवट्रिक वाहन नीति 2025 के अनुरूप महावितरण ने पेट्रोल और डीजल वाहनों के स्थान पर इलेवट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दी है।

पहले चरण में महावितरण के शीर्ष प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए इलेवट्रिक वाहनों की खरीद प्रक्रिया शुरू की गई। पिछले एक सप्ताह में महावितरण के वाहन बेड़े में 10 और इलेवट्रिक वाहन शामिल किए गए। इन वाहनों का उपयोग क्षेत्रीय विभागों के सह-प्रबंध निदेशकों और सभी कार्यकारी निदेशकों ने हाल ही में शुरू किया है। इनमें निदेशक सचिन तालेवार, अनुदीप दिघे, योगेश गडकरी और राजेंद्र पवार का समावेश है। महावितरण के अंतर्गत सभी मुख्य अभियंताओं तथा क्षेत्रीय अधीक्षक अभियंता, कार्यकारी अभियंता और उपविभाग प्रमुख अभियंताओं के कार्यालयों में भी पेट्रोल और डीजल वाहनों के स्थान पर केवल इलेवट्रिक वाहनों के उपयोग की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है।

ईंधन बचाएंगे जेडपी सीईओ व कर्मचारी

अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते महंगाई भड़कने की आशंका जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से जहां सोना की खरीदी कम से कम एक वर्ष के लिए बंद करने की अपील की है वहीं पेट्रोल-डीजल व गैस के खर्च पर मितव्ययिता बरतने का निवेदन किया है। पीएम की अपील के बाद से सीएम सहित राज्य के अनेक मंत्रियों व अधिकारियों ने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या घटा दी है। विदेशी दौरे रद्द कर दिये गए हैं। नागपुर जिला परिषद में कर्मचारियों ने सप्ताह में एक दिन प्रत्येक सोमवार को कार्यालय आने-जाने के लिए मेट्रो ट्रेन, सिटी बसों का उपयोग करने का निर्णय लिया है। यह जानकारी कास्ट्राईब जिला परिषद कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष सोहन चवरे ने दी।

पैदल कार्यालय पहुंचेंगे सीईओ

उन्होंने बताया कि इस निर्णय की जानकारी सीईओ विनायक महामुनि को दी गई है और उन्होंने भी सराहना की। वे खुद भी 18 मई, सोमवार को अपने निवास से कार्यालय पैदल आएंगे। एडिशनल सीईओ कमलकिशोर फुटाने ने भी कर्मचारियों की इस पहल की सराहना की। 'आज की बचत कल का भविष्य' और 'एक दिन देश के लिए' इस ब्रीद वाक्य के साथ कर्मचारी सप्ताह में एक दिन अपने निजी वाहनों का उपयोग नहीं करेंगे। सभी विभागों के कर्मचारियों से संगठन ने अपील की है कि वे इस उपक्रम के सहभागी बनें।

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