Nagpur: 48 लाख की ठगी! फर्जी DG बनकर लोगों को लूटा, अब मिली 7 साल की सजा

Court Judgment Nagpur: नागपुर कोर्ट ने 48.85 लाख की ठगी के मामले में वाराणसी निवासी अनिरुद्ध और अमरावती की मीरा को 7 साल सश्रम कारावास व ₹50,000 जुर्माने की सजा सुनाई।
Court Judgment Nagpur: नागपुर कोर्ट ने 48.85 लाख की ठगी के मामले में वाराणसी निवासी अनिरुद्ध और अमरावती की मीरा को 7 साल सश्रम कारावास व ₹50,000 जुर्माने की सजा सुनाई।
नागपुर क्राइम (डिजाइन फोटो)
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Nagpur Crime: जिला व सत्र न्यायाधीश-4 एनएच जाधव की कोर्ट ने राणा प्रतापनगर थाने में दर्ज 48,85,000 रुपये की ठगबाजी में आरोपी रहे वाराणसी निवासी अनिरुद्ध आनंद कुमार हौसिंग (32) और अमरावती निवासी मीरा प्रकाश फडणीस (57) को 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

साथ ही दोनों को 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोका। जानकारी के अनुसार अनिरुद्ध ने स्वयं को केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय का डायरेक्टर जनरल के तौर पर फिर्यादी जयताला निवासी सुनील वसंतराव कुहीकर (53) के समक्ष पेश किया। अनिरुद्ध ने रेडिसन होटल में हुई मीटिंग में कुछ प्रसिद्ध कलाकारों के साफ फोटो आदि दिखाकर अपनी बड़ी पहचान का झांसा दिया।

धोखाधड़ी का खुलासा

उसने सुनील को कहा कि पर्यटन विभाग में निवेश करने पर बड़ा रिटर्न मिल सकता है। आरोप था कि मीरा ने इस पूरे मामले में अनिरुद्ध की मदद की। उसने सुनील को झांसे में लेकर 1 से 25 अक्टूबर 2022 के बीच निवेश के नाम पर 48,85,000 रुपये ले लिये। इस प्रकार अनिरुद्ध और मीरा ने सुनील के अलावा अन्य लोगों से भी ठगी की।

अपनी रकम वापस मांगने पर अनिरुद्ध और मीरा ना-नुकर करने लगे। अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चलते ही सुनील ने राणा प्रतापनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद ईओडब्ल्यू ब्रांच के तत्कालीन एपीआई रिजवान शेख ने कोर्ट में चार्जशीट पेश की।

सभी गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने अनिरुद्ध और मीरा को ठगबाजी को दोषी माना और उक्त सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील एड. अभय जिकार और बचाव पक्ष से एड. दीक्षित व एड. काशीकर ने पैरवी की। कोर्ट का कामकाज हवलदार ढोके और भोयर ने देखा।

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