नागपुर में रिश्तों की कड़वी सच्चाई: 3 साल में 5,347 तलाक, ईगो क्लैश और अनैतिक संबंध बड़ी वजह; समझिए पूरा मामला
Nagpur Court Divorce Cases: नागपुर में वैवाहिक संबंधों में दरार बढ़ी; 2023-25 के बीच 5,347 तलाक मंजूर। अनैतिक संबंध, ईगो क्लैश और पारिवारिक हस्तक्षेप रिश्तों के टूटने के मुख्य कारण बनकर उभरे हैं।
- Written By: रूपम सिंह
Nagpur Family Court Divorce Cases (फोटो-सोशल मीडिया)
Extra Marital Affairs Divorce Nagpur: बदलती जीवनशैली, आपसी मतभेद और पारिवारिक हस्तक्षेप के कारण शहर में वैवाहिक संबंधों में दरार बढ़ती जा रही है। पिछले तीन वर्षों (2023 से 2025) में पारिवारिक न्यायालय में तलाक के लिए प्राप्त आवेदनों में से 5,347 दंपतियों ने कानूनी रूप से अलग होने का निर्णय लिया। वर्तमान में 3,023 मामले अब भी न्यायालय में लंबित हैं।
यह स्थिति केवल कानूनी नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का संकेत मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आज के दौर में संवाद की कमी, स्वाभिमान को ठेस पहुंचना और छोटी-छोटी बातों पर बढ़ते विवाद रिश्तों को कमजोर कर रहे हैं। कई मामलों में ससुराल या मायके पक्ष का अत्यधिक हस्तक्षेप भी वैवाहिक जीवन में तनाव का कारण बन रहा है।
समाज में एक ओर जहां बेटियों के 18 वर्ष की होते ही विवाह की जल्दबाजी देखी जाती है, वहीं बेटों के मामले में आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता दी जाती है। कई बार अधूरी शिक्षा या इच्छा के विरुद्ध विवाह होने से भी वैवाहिक जीवन में असंतोष पनपता है। प्रेम विवाह, पारिवारिक दबाव में हुए विवाह या पूर्व प्रेम संबंधों की छाया भी रिश्तों में दरार पैदा कर रही है।
सम्बंधित ख़बरें
173 साल की हुई भारतीय रेल, रेलमंत्री ने शेयर की पहले रेल ब्रिज की तस्वीर, ठाणे में मना जश्न
ठाणे में CREDAI-MCHI की प्रॉपर्टी एग्ज़िबिशन का आगाज़, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे करेंगे उद्घाटन
राज्य सरकार का बड़ा फैसला: संभाजीनगर के नए विभागीय आयुक्त बने जी. श्रीकांत
फॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने पकड़े 250 तेंदुए ! राज्य में टाइगर सफारी का प्लान, वन मंत्री गणेश नाईक ने दी जानकारी
ये भी पढ़ें:- वर्धा में ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था फेल, सड़कों पर जाम; आरती चौक सहित प्रमुख चौराहों पर सिग्नल बने शोपीस
अनैतिक संबंध का बढ़ता जा रहा ग्राफ
तलाक के मामलों में अनैतिक संबंध प्रमुख कारणों में से एक बनकर उभरा है। विवाह पूर्व या विवाह पश्चात संबंधों के चलते आपसी विश्वास कमजोर होता है और परिवार का वातावरण प्रभावित होता है। कई मामलों में मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना भी दंपतियों को अलग होने के लिए मजबूर करती है।
इसके अलावा अक्सर पति-पत्नी के बीच गलतफहमियां और ‘इगो क्लैश’ रिश्तों को तोड़ने का कारण बनते हैं। दोनों पक्षों का समझौते के लिए तैयार न होना स्थिति को और गंभीर बना देता है, करिअर केंद्रित सोच, आर्थिक आत्मनिर्भरता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की भावना ने भी पारंपरिक पारिवारिक ढांचे को प्रभावित किया है। पारिवारिक न्यायालय में अन्य दावों की संख्या भी चिंताजनक है। कुल 32,124 मामले विभिन्न श्रेणियों में लंबित है।
अन्य पारिवारिक दावों की स्थिति
| वर्ष | दाखिल दावे | निर्णय लिए गए दावे | लंबित दावे |
|---|---|---|---|
| 2023 | 4,066 | 4,335 | 8,182 |
| 2024 | 5,532 | 3,838 | 8,444 |
| 2025 | 3,433 | 3,554 | 7,830 |
| 2026 (जनवरी) | 394 | 556 | 7,668 |
वर्षवार तलाक के आंकड़े
| वर्ष | दाखिल मामले | तलाक मंजूर | लंबित मामले |
|---|---|---|---|
| 2023 | 2,540 | 1,705 | 1,040 |
| 2024 | 2,596 | 1,562 | 847 |
| 2025 | 3,952 | 1,767 | 1,085 |
| 2026 (जनवरी) | 435 | 313 | 45 |
