फर्जी कागजों से की 60 लाख की ठगी, नागपुर में नकली दस्तावेजों से बेचे प्लॉट, दलाल समेत 4 पर केस दर्ज
Nagpur Fraud Case: नागपुर में दलाल और तीन सहयोगियों ने फर्जी दस्तावेज बनाकर 1.60 करोड़ के प्लॉट सौदे में व्यक्ति से 60.50 लाख की ठगी की। जांच में दस्तावेज फर्जी निकले।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Fake Plot Documents Scam: नागपुर में दूसरे के प्लॉट के फर्जी दस्तावेज बनाकर दलाल सहित 4 लोगों ने मिलीभगत कर एक व्यक्ति से प्लॉट का सौदा कर लिया। जांच में सारे दस्तावेजों फर्जी होने का पता चला। जरीपटका पुलिस ने 4 आरोपियों के खिलाफ 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
आरोपियों में एनआईटी कॉलोनी, वैशालीनगर निवासी आशीष वामन बेलेकर (42), नलिनी वामन बेलेकर (65), इंद्रायणी अतुल वासनिक (40) और गोरेवाड़ा निवासी जीतू ठाकुर उर्फ जितेंद्र घेवतोंडे का समावेश है। गुरुगोविंद विहार, कुशीनगर निवासी येशीराज्यम रघुनाथ नारायणस्वामी (60) की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया।
क्या है मामला?
नारायणस्वामी और दलाल जीतू की पुरानी पहचान थी। जुलाई 2020 में जीतू ने मौजा इंदोरा के मिसाल लेआउट में 2 प्लॉट दिखाए। उन्हें दोनों प्लॉट पसंद भी आ गए। इसके बाद जीतू ने आशीष और नलिनी से मुलाकात करवाई। आरोपियों ने बताया कि दोनों प्लॉट नलिनी के नाम पर हैं। कुल 1.60 करोड़ रुपये में दोनों प्लॉट का सौदा तय हुआ।
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करारनामा के अनुसार नारायणस्वामी ने आरोपियों को आरटीजीएस और चेक के माध्यम से 60.50 लाख रुपये दिए। आरोपियों ने बिक्री पत्र करारनामा, पजेशन लेटर, एनओसी आदि दस्तावेज दिए थे। बाकी रकम रजिस्ट्री के समय देना तय हुआ था।
कुछ दिन बाद नारायणस्वामी ने दस्तावेजों की छानबीन की तो सारे कागजात फर्जी होने का पता चला। प्लॉट किसी अन्य का था जो आरोपियों ने नलिनी का बताकर उनसे सौदा किया था।
नारायणस्वामी ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने 10 लाख रुपये लौटाए। बाकी रकम देने में आनाकानी करने लगे। परेशान होकर नारायणस्वामी ने जरीपटका पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच आरंभ की है।
