Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

नागपुर की ‘सेहत’ पर खतरे की घंटी: NEERI रिपोर्ट में प्रदूषण; शोर और जल संकट का खुलासा

Nagpur Environment Report: नागपुर की पर्यावरण रिपोर्ट 2024-25 में वायु, शोर प्रदूषण और गिरते जल स्तर पर चिंता जताई गई है। रिपोर्ट 22 अप्रैल को मनपा सभा में पेश होगी।

  • Written By: अंकिता पटेल
Updated On: Apr 19, 2026 | 11:30 AM

नागपुर पर्यावरण रिपोर्ट( सोर्स: सोशल मीडिया )

Follow Us
Close
Follow Us:

Nagpur Urban Environment Crisis: नागपुर राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (नौरी) द्वारा महानगर पालिका (मनपा) के लिए तैयार की गई ‘पर्यावरण स्थिति रिपोर्ट 2024-25’ ने शहर की सेहत को लेकर खतरे की घंटी बजा दी है। रिपोर्ट के अनुसार नागपुर वायु प्रदूषण, अत्यधिक शोर और गिरते जल स्तर जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। यह रिपोर्ट 22 अप्रैल को एनएमसी की आम सभा में पेश की जाएगी।

हवा में घुलता जहर (वायु प्रदूषण)

रिपोर्ट के मुताबिक नागपुर में पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा निर्धारित सीमा से लगातार ऊपर बना हुआ है।

समय का प्रभाव: हवा में प्रदूषण का स्तर देर शाम और रात के समय सबसे अधिक होता है, नीरी ने इसका मुख्य कारण यातायात, विशेष रूप से देर रात घर लौटने वाले व्यापारियों और दोपहिया वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को बताया है।

सम्बंधित ख़बरें

Mira Road Murder Case: स्क्रूड्राइवर से गोदकर 43 वर्षीय व्यक्ति की हत्या, आरोपी गिरफ्तार

Raigad Crime News: 10 साल का प्यार और फिर शादी से इनकार, अलीबाग में युवक ने दी जान

Kandivali Gas Cylinder Shortage: कांदिवली में गैस सिलेंडर संकट, नाराज लोगों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन

महिला आरक्षण पर सियासत गरम: नाना पटोले का बीजेपी पर पलटवार, ‘अब पाप का अंत शुरू’

क्षेत्रवार स्थितिः महल क्षेत्र में मई-जून और सर्दियों में प्रदूषण अधिक रहता है, जबकि राम नगर में अप्रैल और नवंबर में एक्यूआई का स्तर बढ़ जाता है।

शोर का बढ़ता स्तर (ध्वनि प्रदूषण)

शहर के 10 जोन में किए गए सर्वेक्षण में ध्वनि प्रदूषण के नियमों का भारी उल्लंघन पाया गया, अस्पताल और स्कूलों जैसे ‘साइलेंस जोन’ में भी शोर का स्तर बहुत अधिक है।

नदियों और भूजल की बदहाली

नागपुर की नदियों का पानी अब पीने, नहाने या खेती के योग्य भी नहीं बचा है।

नदी का पानीः सीवेज (गंदा पानी) सीधे नदियों में छोड़े जाने और कचरा फेंकने के कारण पानी में फॉस्फेट और हानिकारक बैक्टीरिया की मात्रा बहुत बढ़ गई है।

ग्राउंड वाटरः भूजल के नमूनों में भी बैक्टीरिया का संक्रमण पाया गया है। कई जगहों पर टीडीएस का स्तर 2,200 एमजी-एल तक पहुंच गया है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। साथ ही कुछ इलाकों में भूजल स्तर में हर साल 0.40 मीटर की गिरावट दर्ज की जा रही है।

यह भी पढ़ें:-महिला आरक्षण पर सियासत गरम: नाना पटोले का बीजेपी पर पलटवार, ‘अब पाप का अंत शुरू’

नीरी ने दिए सुझाव

नीरी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि ये चुनौतियां व्यवस्थागत और स्थायी हैं। शहर को पर्यावरण के विनाश से बचाने के लिए सख्त नीतियों, ठोस प्रवर्तन और टिकाऊ शहरी नियोजन की तत्काल आवश्यकता है।

Nagpur environment status report 2025 air noise water crisis maharashtra

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Apr 19, 2026 | 11:30 AM

Topics:  

  • Air Pollution
  • Environmental Protection
  • Maharashtra
  • Maharashtra News
  • Nagpur
  • Nagpur News
  • Today Nagpur News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.