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नागपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान चलाया।
SIR के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया गया।
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सिरिवेल्ला प्रसाद रैली और पदयात्रा में शामिल हुए।
दक्षिण नागपुर में ‘संविधान जागर’ बाइक रैली निकाली गई।
मध्य नागपुर में चुनाव आयोग के खिलाफ पदयात्रा हुई।
Nagpur Congress Protest Election Commission Controversy: नागपुर चुनाव आयोग की कथित तानाशाहीपूर्ण कार्यप्रणाली और एसआईआर अभियान के माध्यम से पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के विरोध में शहर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान चलाया गया।
इसके तहत निकाली गई रैली में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी सिरिवेल्ला प्रसाद भी शामिल हुए। रैली का नेतृत्व शहर अध्यक्ष प्रफुल्ल गुडधे और प्रदेश उपाध्यक्ष गिरीश पांडव ने किया। दक्षिण नागपुर ब्लॉक क्रमांक 6 के अध्यक्ष रमेश ठाकरे और ब्लॉक क्रमांक 7 के अध्यक्ष गौतम गाणार के नेतृत्व में 'संविधान जागर' बाइक रैली निकाली गई।
त्रिशरण चौक, रामेश्वरी स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद रैली दत्तात्रयनगर स्थित महाकालकर सभागृह में समाप्त हुई। इससे पूर्व सिरिवेल्ला ने धम्मचक्न प्रवर्तन दिवस के अवसर पर पवित्र दीक्षाभूमि पहुंचकर तथागत गौतम बुद्ध तथा डॉ। बाबासाहेब आंबेडकर का अभिवादन किया। इस अवसर पर नितिन राऊत सहित कांग्रेस के प्रमुख नेता और पदाधिकारी उपस्थित थे।
मध्य नागपुर में रिजवान अंसारी के नेतृत्व में चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पदयात्रा निकाली गई जिसमें सिरिदेल्ला प्रसाद, प्रफुल्ल गुडघे, विजय सरटकर, उषा खरबीकर, कृणाल मौर्दकर, अल्ताफ अंसारी, रवि पराते, अनिल मछले, महेश श्रीवास, वकार हनीफ, शाहनवाज अख्तर, नकील अहमद, जुल्फीकार भुट्टो, अतीक कुरेशी, आयुष राऊत, शकील अंसारी और रजामिल अंसारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
उत्तर नागपुर और पच्छिम नागपुर क्षेत्रों में भी इस अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिला, जहाँ स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर नागरिकों को मतदाता सूची में उनके नाम की स्थिति की जांच करने के लिए जागरूक किया।
नेताओं ने आरोप लगाया कि जानबूझकर एक तय रणनीति के तहत विपक्षी समर्थकों के नाम सूची से गायब किए जा रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
इस दौरान आयोजित सभाओं में वक्ताओं ने केंद्र और चुनाव आयोग की नीतियों पर तीखा हमला बोला तथा चेतावनी दी कि यदि पात्र मतदाताओं के नाम पुनः सूची में नहीं जोड़े गए, तो कांग्रेस पार्टी चुनाव आयोग के दफ्तरों का घेराव करने के लिए बाध्य होगी। अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर संविधान की रक्षा और आगामी चुनावों में पूरी ताकत से उतरने का संकल्प लिया।