नागपुर में कांग्रेस का हंगामा (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Sanjay Mahakalkar NMC: नागपुर में मंगलवार की सुबह मनपा मुख्यालय में उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षदों सहित महाविकास आघाड़ी के कई कार्यकर्ताओं ने गरीब हॉकर्स के लिए मनपा आयुक्त का दरवाजा खटखटाया। हंगामे का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भले ही पुलिस ने आंदोलनकर्ताओं को रोकने के लिए बैरिकेड लगाए हों किंतु इन बैरिकेड को लांघकर पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने आयुक्त कार्यालय में दस्तक दी।
हालांकि लंबे समय तक चली जद्दोजहद के बीच मनपा मुख्यालय परिसर में कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति तो खड़ी हो गई किंतु कुछ लोगों को चर्चा के लिए भेजने का निर्णय होने के बाद आंदोलन थोड़ा शांत हो पाया। आंदोलन कर रहे नवनिर्वाचित पार्षदों का मानना था कि गत कुछ दिनों से गरीब हॉकर्स के खिलाफ अवैध कार्रवाई की जा रही है।
यह सिलसिला रोका जाना चाहिए। शिष्टमंडल में विपक्ष नेता संजय महाकालकर, उपमहापौर के प्रत्याशी विवेक निकोसे, पार्षद प्रमोद ठाकुर, पार्षद झा, वसीम खान आदि उपस्थित थे।
हॉकर्स के खिलाफ मनपा की कार्यप्रणाली पर रोष जताते हुए नवनिर्वाचित पार्षदों का मानना था कि मनपा के प्रवर्तन विभाग के अधिकारी मनमर्जी से कार्रवाई कर रहे है। देश के हर शहर में फुटपाथों पर रोजगार होता है लेकिन वहां पर इस तरह की कार्रवाई नहीं होती है। अधिकारी कुछ विशेष बाजारों में जाकर हॉकर्स के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं।
जिन स्थानों पर भाजपा के नेताओं का विरोध रहता है वहां कभी भी कार्रवाई नहीं की जाती है। इसके विपरीत कुछ इलाकों के हॉकर्स को जानबूझकर टारगेट किया जा रहा है। हाई कोर्ट में याचिका लंबित होने के बाद भी कभी ट्रैफिक तो कभी अतिक्रमण के नाम पर हॉकर्स का सामान जब्त हो रहा है जिससे न केवल उनका रोजगार जा रहा है बल्कि पूरा परिवार ही इससे बाधित हो रहा है।
शिष्टमंडल में शामिल पार्षदों ने कहा कि गत कुछ समय से हॉकर्स यूनियन के कुछ नेताओं और उनसे संबंधित कुछ लोगों को टारगेट किया जा रहा है। कार्रवाई करने वाले भेदभाव कर रहे हैं। कार्रवाई के लिए जाते समय कुछ क्षेत्रों के अतिक्रमणों को अनदेखा किया जाता है, जबकि कुछ इलाकों में केवल सूचना देकर हटने को कहा जाता है।
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आश्चर्य यह है कि कुछ इलाकों में तो पहुंचते ही सामान की जब्ती होती है। कांग्रेस के पार्षदों ने सर्वप्रथम सिटी में हॉकर्स जोन निर्धारित करने, इन हॉकर्स जोन में हॉकर्स को सर्वसुविधा के साथ जगह उपलब्ध कराने तथा उसके बाद ही कार्रवाई जारी रखने की मांग की। इसके बावजूद यदि कार्रवाई की जाती है तो उग्र आंदोलन करने की चेतावनी भी दी।
पार्षदों ने कहा कि महापौर और उपमहापौर चुनाव के बाद होने वाली मनपा की सभा में हजारों हॉकर्स के इस मुद्दे को उठाया जाएगा। केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने हॉकर्स नीति लागू की है किंतु राजनीतिक दबाव में महानगरपालिका ने इस नीति को ही दरकिनार कर दिया है।
नियमों के अनुसार कार्रवाई से पहले जब्त होने वाले माल का पंचनामा होना चाहिए किंतु पहुंचते ही माल उठाकर गाड़ियों में भरा जाता है। माल वापसी के समय आधा-अधूरा माल वापस मिलता है। आधे माल के संदर्भ में पूछने पर धमकाया जाता है। इन सभी मुद्दों को सदन में उठाने की चेतावनी भी दी।