नागपुर में बिल्डर की बड़ी धोखाधड़ी: एक ही फ्लैट दो लोगों को बेचा, 1.25 करोड़ रुपए की ठगी का केस दर्ज

Flat Sale Fraud: नागपुर में एक बिल्डर पर एक ही फ्लैट दो लोगों को बेचकर करीब 1.25 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। बजाजनगर पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Major fraud by builder in Nagpur: Same flat sold to two people; case registered for ₹1.25 crore swindle.
नागपुर बिल्डर धोखाधड़ी, सांकेतिक फोटो (सोर्स: एआई फोटो)
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Nagpur Real Estate Fraud: नागपुर एक ही फ्लैट का 2 अलग-अलग व्यक्तियों के साथ बिक्री अनुबंध कर करीब 1.25 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला बजाजनगर पुलिस थाना क्षेत्र में सामने आया। मामले में सेवानिवृत्त सहायक कार्यकारी अभियंता आरपीटीएस रोड, अजनी निवासी प्रवीण उपलंचीवार (70) की शिकायत पर पुलिस ने बिल्डर श्रीनगर एम्प्रेस मिल हाउसिंग सोसाइटी निवासी संतोषकुमार गंदेवार (45) के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।

जानकारी के अनुसार, उपलंचीवार सिडको से सहायक कार्यकारी अभियंता पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनका बेटा अमेरिका में रहता है, जबकि विवाहित बेटी नागपुर में रहती है।

1 करोड़ रुपए के फ्लैट का कब्जा नहीं, बिल्डर पर धोखाधड़ी का आरोप

वृद्धावस्था में बेटी के घर के पास रहने के उद्देश्य से वे फ्लैट की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान गंदेवार की संस्था जीबी रियल्टर्स ने लक्ष्मीनगर क्षेत्र में एक आवासीय परियोजना विकसित की थी। उपलंचीवार ने परियोजना का निरीक्षण करने के बाद छठी मंजिल पर स्थित 602 नंबर का फ्लैट पसंद किया। दोनों के बीच 1 करोड़ रुपये में सौदा तय हुआ।

इसके बाद उन्होंने 1.51 लाख रुपये बतौर बयाना राशि जमा कर फ्लैट आरक्षित कराया। बाद में उन्होंने किस्तों में 94.51 लाख रुपये का भुगतान किया और बिक्री अनुबंध भी किया गया। अनुबंध के अनुसार, 3 वर्ष के भीतर फ्लैट का कब्जा देना तय था लेकिन निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी उन्हें फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया।

न कब्जा मिला ना ही मिली राशि

जांच में सामने आया कि बिल्डर ने इसी 602 नंबर के फ्लैट का कविता वर्मा के साथ भी अलग से बिक्री अनुबंध किया था और उनसे 31 लाख रुपये भी स्वीकार किए थे। इसी फ्लैट की बिक्री दर्शाने वाला विज्ञापन प्रकाशित होने के बाद उपलंचीवार को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला।

इसके बाद उन्होंने इस संबंध में बिल्डर से कई बार पूछताछ की। हालांकि न तो फ्लैट का कब्जा मिला और न ही जमा की गई राशि वापस की गई। इसके बाद उन्होंने बजाजनगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच जारी है।

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