नागपुर में फर्जी दस्तावेजों से प्लॉट बेचकर 32 लाख की ठगी, हुड़केश्वर पुलिस ने महिला समेत 2 पर दर्ज किया केस

Nagpur Plot Fraud: नागपुर के हुड़केश्वर में फर्जी दस्तावेजों के जरिए एक ही प्लॉट को दोबारा बेचकर 32 लाख रुपये की ठगी का मामला आया है। पुलिस ने महिला समेत दो आरोपियों पर केस दर्ज किया है।
Hudkeshwar police in Nagpur have registered a case against two individuals, including a woman, for cheating a buyer of Rs 32 lakh using forged plot documents.
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
Updated on

Nagpur Plot Fraud Hudkeshwar Police: नागपुर में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्लॉट बेचकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। हुड़केश्वर पुलिस ने इस मामले में महिला समेत दो आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की पहचान बेसा स्थित साईकृपा कॉम्प्लेक्स निवासी प्रीति प्रवीण चाचेरे (47) और सुनील चंद्रकांत दोशी (51) के रूप में हुई है। यह कार्रवाई भंडारा जिले के लाखांदुर निवासी जयंत माणिकराव हरडे की शिकायत पर की गई।

प्लॉट खरीदने के लिए ब्रोकर से किया था संपर्क

पुलिस के अनुसार, दिसंबर 2022 में जयंत हरडे ने प्लॉट खरीदने की योजना बनाई थी। इसी दौरान उन्होंने सुनील दोशी से संपर्क किया। दोशी ने उन्हें मौजा नरसाला स्थित गगनदीप को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में प्रीति चाचेरे के स्वामित्व वाला 1,500 वर्गफुट का प्लॉट दिखाया। दोनों पक्षों के बीच 32 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। इसके बाद बिक्री अनुबंध और पावर ऑफ अटॉर्नी की प्रक्रिया पूरी की गई तथा जयंत ने किस्तों में पूरी 32 लाख रुपये की राशि प्रीति को दे दी।

प्लॉट पर मिला किसी और के नाम का बोर्ड

जनवरी 2023 में जब जयंत अपने खरीदे गए प्लॉट का निरीक्षण करने पहुंचे तो वहां सुलोचना सुरेश पटले के नाम का बोर्ड लगा मिला। इस पर उन्होंने सुनील दोशी से संपर्क किया, लेकिन आरोप है कि उसने संतोषजनक जवाब देने के बजाय अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद जयंत ने दस्तावेजों की जांच कराई तो पूरे मामले का खुलासा हुआ।

1990 में ही बिक चुकी थी जमीन

जांच में सामने आया कि संबंधित प्लॉट के मूल मालिक प्रीति चाचेरे के पिता थे, जिन्होंने अगस्त 1990 में यह जमीन अलका प्रमोद येवले को बेच दी थी। इसके बाद मार्च 1992 में अलका येवले ने वही प्लॉट सुलोचना सुरेश पटले को बेच दिया था। इसके बावजूद आरोप है कि प्रीति चाचेरे और सुनील दोशी ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसी प्लॉट का दोबारा सौदा कर जयंत हरडे से 32 लाख रुपये वसूल लिए।

17 लाख लौटाए, बाकी रकम देने से किया इनकार

शिकायत के अनुसार, रकम वापस मांगने पर प्रीति चाचेरे ने जनवरी 2025 तक 17 लाख रुपये लौटा दिए, लेकिन शेष 15 लाख रुपये देने से इनकार कर दिया। लगातार प्रयासों के बावजूद रकम वापस नहीं मिलने पर जयंत हरडे ने हुड़केश्वर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने शुरू की जांच

शिकायत के आधार पर नागपुर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार कर आर्थिक अपराध करने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब दस्तावेजों की सत्यता, लेन-देन और अन्य संबंधित पहलुओं की जांच कर रही है। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

Navbharat Live
navbharatlive.com