BSNL की तीन प्राइम प्रॉपर्टी बिक्री में अटकी, बोली नहीं मिलने से सरकार परेशान
Nagpur में एनएलएमसी योजना के तहत बीएसएनएल की 783 करोड़ रुपये की प्राइम जमीन बिक्री के लिए सूचीबद्ध है, लेकिन ऊंची कीमत और एकमुश्त भुगतान शर्त के कारण दो साल से कोई खरीदार सामने नहीं आया।
- Written By: अपूर्वा नायक
BSNL (सौ. Design)
BSNL Land Deal In Nagpur: केंद्र सरकार की सरकारी जमीन बेचने की ‘राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम’ (एनएलएमसी) योजना शुरू की है। इस योजना के तहत नागपुर में भारतीय संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) की लगभग 783 करोड़ की संपत्ति की भी पहचान की गई है।
3 भूखंडों को बेचने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे सरकार को 783.3 करोड़ रुपये की मिले की उम्मीद है। यह भी सच्चाई है कि सरकार ने इन भूखंडों को काफी पहले विक्री सूची में डाला था, लेकिन इसके लिए ग्राहक नहीं मिल रहे हैं। बीएसएनएल के सभी भूखंड प्राइम एरिया में हैं।
सीटीओ में 17,424 वर्गमीटर भूखंड जानकारी के अनुसार सिविल लाइंस स्थित सीटीओ कार्यालय के 17,424 वर्गमीटर जमीन बेचने की योजना है। यह भूखंड सिटी के प्राइम एरिया में स्थित है और इसके लिए सरकार ने 462.35 करोड़ रुपये मूल्य तय किया है।
सम्बंधित ख़बरें
नागपुर में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन: बैरिकेड्स तोड़े, पुलिस से धक्का-मुक्की; मोर्चे में कई नेता गिरफ्तार
नागपुर में दोहरी मार से थमे ट्रकों के पहिये: डीजल की बढ़ी कीमतों से ट्रांसपोर्ट उद्योग बेहाल
CM सिटी में विकास या मनमानी? नागपुर की पक्की सड़क फिर खोदी गई; दुकानदारों-विद्यार्थियों की बढ़ी मुश्किल
नागपुर वाड़ी की म्हाडा कॉलोनी में सनसनी, बंद घर में 4 दिन पुराने वृद्ध दंपति का मिला शव; इलाके में दहशत
जानकारों का कहना है कि भले ही यह भूखंड प्राइम एरिया में है लेकिन जो कीमत तय की गई है वह काफी ज्यादा है। यही कारण है कि 2 वर्ष से बोली लगाई जा रही है लेकिन कोई भी इसे लेने के इच्छुक नहीं है। जगह को देखकर कई बिल्डर इस भूमि पर नजर गढ़ाये हुए हैं। परंतु किसी ने अब तक लेने की हिम्मत नहीं दिखाई है।
कोराडी में 298 करोड़ रुपये का ऑफर
भारतीय संचार निगम लि (बीएसएनएल) की कोराडी में भी प्राइम लोकेशन पर जगह है। यहां पर भी बीएनएनएल के 56216.88 वर्गमीटर जमीन बेचने के लिए बोली बुलाई गई है। इस जमीन के लिए आरक्षित मूल्य 298.27 करोड़ रुपये तय किया गया है।
बोली निकाले हुए काफी वक्त हो गया है, लेकिन यहां पर भी कोई लेवाल नहीं मिल रहा है। निजी बिल्डरों के आंकलन के अनुसार यह दर भी काफी ज्यादा है। भले ही भूखंड प्राइम हो, लेकिन कीमत अधिक होने से लोग हाथ लगाने से कतरा रहे हैं।
काटोल में 10,100 वर्गमीटर जमीन
विभाग के पास काटील में भी बड़े पैमाने पर जमीन उपलब्ध है, काटील परिसर में भी विभाग के 10.100 वर्गमीटर जमीन बेचने के लिए बोली लगाई गई है।
इस जमीन की कीमत 22.68 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है लेकिन यहां पर भी बोली नहीं मिल रही है, इसलिए यह बिक्री सूची’ में बनी हुई है। इस जमीन की कीमत को लेकर भी स्थानीय लोगों का आंकलन है कि काफी ऊंची कीमत है। यही कारण है लोग ‘टेंडर में भाग नहीं ले रहे हैं।
घाटे को कम करना
सरकार यह चाहती है कि इन जमीनों को बिक्री कर अतिरिक्त धन अर्जित करना है। सरकार को अतिरिक्त आय होगी वहीं सरकारी कंपनियों के घाटे को भी कम किया जा सकता है। बीएसएनएल ने अतिरिक्त जमीन लीज या बेचकर अपने नुकसान को कम करने में काफी सफलता हासिल करना है। पिछले कुछ समय में सरकारी कंपनियों का घाटा इसके के कारण कम भी हुआ है।
ये भी पढ़ें :- Pune Land Scam मामले में गंभीर मोड़, कंपनी ने कानूनी लड़ाई का रास्ता चुना
नंबर एक में देना होगा पैसा
जानकारों की माने तो कीमत अधिक नहीं है। रेडी रेकनर की दर से ही कीमत लगाई गई है लेकिन यहां पर सवाल यह है कि सौदे के लिए लोगों को नंबर एक में पैसा देना होगा। यह अधिकांश बिल्डरों को रास नहीं आ रहा है। जमीन ‘प्राइम’ होने के बाद भी बिक नहीं पा रही है। सरकार को काफी इंतजार करना पड़ रहा है।
-नागपुर से नवभारत लाइव के लिए नीरज नंदन की रिपोर्ट
