भांडेवाड़ी डंपिंग यार्ड खाली करने की तैयारी, आयुक्त इटनकर ने तय की डेडलाइन, बायोमाइनिंग पूरा करने के दिए आदेश

Bhandewadi Dumping Yard Nagpur: नागपुर मनपा आयुक्त विपिन इटनकर ने भांडेवाड़ी डंपिंग यार्ड के बायोमाइनिंग प्रोजेक्ट को 31 मार्च 2027 तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए।
NMC Commissioner Dr. Vipin Itankar sets a strict deadline of March 31, 2027, for the completion of the biomining project at Bhandewadi dumping yard.
डॉ. विपीन इटनकर (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Nagpur Waste Management Project: नागपुर मनपा में भले ही नई सत्ता स्थापित होने के बाद बैठकों का लगातार सिलसिला जारी हो लेकिन इन्हीं बैठकों के बीच अब नये आयुक्त विपिन इटनकर ने भी प्रशासन को चुस्त बनाने के लिए योजनाओं की समीक्षा का सिलसिला शुरू किया है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आयुक्त इटनकर ने शहर की स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है।

गुरुवार को सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने भांडेवाड़ी डंपिंग यार्ड में चल रहे बायोमाइनिंग प्रोजेक्ट को 31 मार्च 2027 तक हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य डंपिंग यार्ड की जमीन को कचरे से मुक्त करना है।

विभागवार समीक्षा और नये प्रोजेक्ट्स पर जोर

पदभार संभालने के बाद आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर लगातार विभागों की बैठकें ले रहे हैं। बैठक में मुख्य अभियंता मनोज तालेवार और अधीक्षक अभियंता डॉ. श्वेता बनर्जी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में भांडेवाड़ी में चल रहे 'सी एंड डी' वेस्ट प्रोजेक्ट, पशु दहन घाट और भूमि ग्रीन एनर्जी एनवायरोकेयर एलएलपी द्वारा संचालित कचरा प्रक्रिया केंद्र पर विस्तृत चर्चा की गई। आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी विभाग अपनी संगठनात्मक संरचना का कम्प्यूटर प्रेजेंटेशन प्रस्तुत करें।

कचरा प्रबंधन के लिए ठोस रणनीति

शहर में प्रति दिन 1300 मीट्रिक टन कचरा उत्पन्न होता है। वर्तमान में भूमि ग्रीन कंपनी द्वारा 500 मीट्रिक टन और सुसबिडी के माध्यम से 250-300 मीट्रिक टन कचरे पर प्रक्रिया की जा रही है। आयुक्त ने 30 एकड़ भूमि पर बनने वाले कंप्रेस्ड बायोगैस प्रोजेक्ट को समय सीमा के भीतर पूरा करने और इसके आरडीएफ के निपटान के लिए संयुक्त बैठक करने का निर्देश दिया है।

आयुक्त ने स्पष्ट किया कि शहर के पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए कचरा प्रबंधन परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निष्क्रिय कचरे (इनर्ट वेस्ट) को फ्लाई ऐश के साथ मिलाकर खदानों में डालने के विकल्प पर चर्चा हुई। इसके लिए अगले सप्ताह प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और खनिकर्म अधिकारियों के साथ बैठक होगी।

महानगरपालिका की प्रयोगशाला को NABL मान्यता प्राप्त बनाने की प्रक्रिया तेज करने पर चर्चा की गई। मिहान क्षेत्र से निकलने वाले 'सी एंड डी' मटेरियल को शहर के प्रोसेसिंग प्लांट में भेजने का प्रस्ताव रखा गया। महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सलाह पर नई सैनिटरी लैंडफिल साइट के निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

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