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नागपुर-वैनगंगा मार्ग के लगभग 42 किलोमीटर हिस्से को सिक्स लेन बनाने की योजना है।
परियोजना की अनुमानित लागत 2,553.84 करोड़ बताई गई है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने निविदा जारी करने की जानकारी दी गई है।
व्यस्त जंक्शनों पर फ्लाईओवर और स्थानीय आवाजाही के लिए पैदल यात्री व वाहन अंडरपास प्रस्तावित हैं।
Nagpur Venganga Expressway: राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 499.800 से 541.800 किमी के मुंबई-कोलकाता नेशनल हाईवे (NH-53) के अत्यंत महत्वपूर्ण नागपुर-वैनगंगा (भंडारा) मार्ग को आधुनिक सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे में तब्दील करने का रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया है।
एनएचएआई ने इसे सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे बनाने की कवायद भी शुरू कर दी है। 2,553।84 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत वाली इस मेगा परियोजना के लिए एनएचएआई ने निविदा जारी की है और अब बहुत जल्द इसके तहत नागपुर-वैनगंगा मार्ग के 42 किलोमीटर लंबे स्ट्रेच को सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे में विकसित किया जाएगा।
एनएचएआई के दिशानिर्देशों के मुताबिक इस प्रोजेक्ट की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। तकनीकी मूल्यांकन कर संभवतः दिसंबर के आखिरी में इस काम को जमीन पर उतारने के लिए भूमि हस्तांतरण पूरा कर कार्यान्वयन शुरू हो जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वीकृत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और डिजाइन प्लान के तहत इस पूरे हिस्से का कायाकल्प आधुनिक सुविधाओं के साथ किया जाएगा। सड़क के दोनों तरफ 10.5 मीटर चौड़ा मुख्य कैरिजवे (3-3 लेन) और 2.5 मीटर का पेव्ड शोल्डर होगा।
बीच में 5.0 मीटर के मजबूत मीडियन और क्रैश बैरियर लगेंगे, यातायात को सुगम और सिग्नल फ्री बनाने के लिए इस 42 किलोमीटर के मार्ग के महत्वपूर्ण व्यस्त जंक्शनों पर फ्लाईओवर और स्थानीय निवासियों, पैदल यात्रियों और हल्के वाहनों की सुरक्षित आवाजाही के लिए विभिन्न किलोमीटरों पर पेडेस्ट्रियन अंडरपास तथा बेहिकुलर अंडरपास बनाए जाएंगे।
इन फ्लाईओवर व अंडरपास से वाहन चालकों का सफर और आसान व सुविधाजनक हो सकेगा। वैनगंगा नदी के पास और अन्य जल स्रोतों पर बने पुराने पुलों व बॉक्स कलवर्ट्स का चौड़ीकरण एवं पुनर्निर्माण भी किया जाएगा। इसके साथ ही रिहायशी इलाकों के पास 7 मीटर चौड़ी सर्विस रोड, ड्रेनेज सिस्टम और भारी वाहनों के चालकों के लिए आधुनिक 'ट्रक ले-बाय' विकसित किए जाएंगे।
यह मार्ग नागपुर शहर को छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से जोड़ने वाला सबसे प्रमुख आर्थिक रूट है। वर्तमान में भारी ट्रैफिक के दबाव के कारण इस पर सफर करना किसी चुनौती से कम नहीं होता है।
इस 2,553 करोड़ की परियोजना के धरातल पर उतरने से न सिर्फ मालवाहक वाहनों की आवाजाही सुगम होगी बल्कि लॉजिस्टिक्स लागत घटने के साथ-साथ विदर्भ के औद्योगिक विकास को भी सुविधा मिलेगी।
42 किमी के स्ट्रेच का होगा पूरा निर्माण
मार्ग पर पुल, अंडरपास भी विकसित होंगे
बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर मॉडल पर होगा कार्यान्वयन
काम पूरा करने की डेडलाइन 'ढाई साल' तय