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नागपुर मनपा के अग्निशमन विभाग ने 2026 में पटाखा दुकानों के लिए 831 अस्थायी प्रमाणपत्र जारी किए।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2016 में सबसे अधिक 982 प्रमाणपत्र और 2020 में सबसे कम 582 जारी हुए थे।
2024 से 2026 तक कुल प्रमाणपत्रों की संख्या लगातार 800 से अधिक रही।
अग्निशमन विभाग के अनुसार, देर रात पटाखे फोड़ने को लेकर शिकायतें मिलती रही हैं।
Diwali Firecracker License Nagpur: नागपुर जिले में पटाखों को लेकर भले ही हाई कोर्ट की ओर से कड़े और स्पष्ट निर्देश जारी किए जा चुके हों, किंतु इन आदेशों का पालन कितनी मुस्तैदी से होगा, यह देखने लायक होगा क्योंकि मनपा के अग्निशमन विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में विभाग ने गत वर्ष की तुलना में पटाखों की दुकान के लिए अधिक लाइसेंस (एनओसी) जारी किए हैं।
अग्निशमन विभाग द्वारा वर्ष 2015 से वर्ष 2026 तक के जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार पिछले 12 वर्षों में वर्ष 2016 के दौरान सबसे अधिक कुल 982 प्रमाणपत्र जारी किए गए थे, जबकि वर्ष 2020 में यह संख्या घटकर सबसे कम 582 रह गई थी। वर्ष 2026 में विभाग द्वारा कुल 831 अस्थायी प्रमाणपत्र निर्गमित किए गए हैं।
800 से ऊपर पहुंचा आंकड़ा आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016 के बंद कुल प्रमाणपत्री की संख्या में गिरावट दर्ज की गई बी, जी वर्ष 2020 में न्यूनतम स्तर 582 तक पहुंच गई थी। इसके पश्चात संख्या में पुरः वृद्धि हुई और वर्ष 2024 से 2026 तक यह आकडा लगातार 800 से अधिक बना हुआ है।
अग्निशमन विभाग के अधिकारी के अनुसार नए-नए तरीकों से प्रदूषण रहित पटाखों को बाजार में भले ही उतारा जा रहा हो, किंतु इनाकी आवाज काफी बड़ी होती है। हाई कोर्ट ने रात 10 बजे के बाद पटाखे उड़ाने पर पाबंदी लगा दी है।
नागपुर जिले में पटाखों को लेकर भले ही हाई कोर्ट की ओर से कड़े और स्पष्ट निर्देश जारी किए जा चुके हों ऐसे में निश्चित ही इसका पालन होना अनिवार्य है। किंतु अब तक का अनुभव रहा है कि खास तौर घर रात 12 बजे के बाद कई इलाकों में पटाखे उड़ाए जाते हैं। इस पर अग्निशमन विभाग के पास शिकायतों के काल्स भी आते हैं। विभाग पर इन शिकायतों से निपटने की चुनौती होगी।
गंजीपेठ अग्निशमन केंद्र वर्ष 2015 में 77 तथा 2016 में 74 प्रमाणपत्र निर्गमित किए गए थे। वर्ष 2020 में यहां सबसे कम 35 प्रमाणपत्र दिए गए थे, जबकि वर्ष 2026 में यह संख्या 54 दर्ज की गई।
सक्करदरा अग्निशमन केंद्र वर्ष 2015 में 180 प्रमाणपत्र जारी किए गए थे। वर्ष 2023 में 170 तथा वर्ष 2024 में 174 प्रमाणपत्र निर्गमित हुए। वर्ष 2025 में संख्या घटकर 98 हुई, जो वर्ष 2026 में पुनः बढ़कर 123 दर्ज की गई।
लकड़गंज अग्निशमन केंद्र वर्ष 2015 में 81 प्रमाणपत्र जारी हुए थे। वर्ष 2024 में 186, वर्ष 2025 में 154 और वर्ष 2026 में 157 प्रमाणपत्र निर्गमित किए गए।
सुगतनगर अग्निशमन केंद्र:- वां 2015 में 141 तथा वर्ष 2016 में 150 प्रमाणपत्र दिए गए थे। वर्ष 2020 में यह आंकड़ा घटकर 93 हुआ और वर्ष 2026 में 110 प्रमाणपत्र जारी किए।
नरेंद्रनगर अग्निशमन केंद्र वर्ष 2018 में इस केंद्र से सर्वाधिक 385 प्रमाणपत्र जारी हुए थे। वर्ष 2020 में यह संख्या घटकर 69 रह गई थी। इसके बाद वर्ष 2025 में 107 और वर्ष 2026 में 128 प्रमाणापत्र दिए गए।