5 बाघों के कुनबे ने महुआ चुनने गए किसान पर किया हमला, खेत में मिला शव, चंद्रपुर में 12वीं मौत, दहशत का माहौल

Chandrapur Tiger Attack: चंद्रपुर के नागभीड़ में खौफ! महुआ फूल चुनने गए किसान को 5 बाघों के कुनबे ने बनाया शिकार। जिले में वन्यजीवों के हमले में यह 12वीं मौत है। मिंथुर परिसर में दहशत का माहौल।
Tragic wildlife attack in Chandrapur: A 58-year-old farmer, Haridas Kubde, was killed and devoured by a family of 5 tigers (pair with 3 cubs) in Nagbhir's Minthur forest. 12th death in the region.
बाघ के हमले में किसान की मौत (सौजन्य-नवभारत)
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Chandrapur Tiger Attack Death News: चंद्रपुर जिले के नागभीड, सिंदेवाही, ब्रम्हपुरी और चिमूर तहसील में बाघ समेत विविध वन्यजीवों का खौफ कम होने का नाम नही ले रहा है। जिले में वन्यजीवों के हमलों में लगातार लोगों की मौते हो रही है। रविवार को सामने आए दर्दनाक मामले में महुआ फूल चुनने गए एक किसान पर पांच बाघों के परिवार ने हमला कर उसका शिकार किया है।

महुआ फूल संकलन के लिए जंगल में गए किसान पर बाघ ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले में किसान की मौत हो गई। यह घटना नागभीड़ तहसील के मिंथुर में रविवार 5 अप्रैल की सुबह उजागर हुई। हरीदास महादेव कुबडे (58, मिंथुर) ऐसा मृतक किसान का नाम है।

देखा गया था बाघ का कुनबा

हरीदास कुबडे शनिवार को सुबह ही खेत में महुआ फूल चुनने के लिए गए थे। पंरतु शाम होने पर भी वे घर वापस नहीं आए। परिजनों को चिंता हुई तब उन्होने खोजना आरंभ किया। मृतक के भतीजे अक्षय ने बताया कि वह कल शाम लगभग 6 बजे के दौरान खेत में गया था। उस समय उसे बाघ का जोड़ा व तीन शावक नजर आए। यह देख वह घबराकर वहां से भाग आया।

इसकी सूचना तत्काल वनविभाग व पुलिस को दी गयी। सूचना मिलते ही वनविभाग के कर्मचारी व पुलिस मौके पर दाखिल हुए। उन्होने रात के 9 बजे तक खोज अभियान चलाया। परंतु हरीदास का कहीं कोई पता नहीं चल पाया। इसलिए पुलिस तथा वनविभाग का संदेह बढ़ता चला गया। रविवार की सुबह फिर से खोज अभियान शुरु किया गया।

इस खोज अभियान के दौरान खेत के पास एक नाले में हरीदास के शरीर के टुकडे़ नजर आए। बाघ ने मृतक किसान के सभी अंग लगभग खा लिए थे। इस परिसर में कुल 4 से 5 बाघ होने का अनुमान लगाया जा रहा है। वन परिक्षेत्र अधिकारी बगमारे ने तत्काल शव विच्छेदन के लिए ग्रामीण अस्पताल भेज दिया। आगे की जांच वनविभाग और नागभीड पुलिस कर रही है।

वनविभाग से लोगों की अपेक्षाएं

इस घटना के बाद वनविभागा व्दारा ठोस उपाय योजनाओं की मांग संतप्त लोगों ने उठाई है। बाघ के कुनबे पर नजर रखने के लिए कैमेरा ट्रैप लगाने के साथ विभाग के कर्मियों की विशेष गश्त लगाना जरुरी है। लोगों की सुरक्षा के लिए गांव में वनविभाग व्दारा सूचना व सलाह देना जरुरी है। साथ ही कौनसे इलाके संवेदनशील है, इसकी सूचना देना जरुरी है। इस बाघ को चूंकि यह शावकों के साथ है वह अधिक आक्रामक होते है। इसलिए पिंजरे में कैद करने की कार्रवाई तत्काल की जानी चाहिए। इस बाघ के कुनबे को खोज कर शीघ्र इसे दूसरे परिसर में छोड़ने की मांग परिसर के नागरिकों ने की है।

अब तक की 12वीं बली

इसके पूर्व 25 मार्च को ब्रम्हपुरी वनविभाग अंतर्गत तलोधी बालापुर के पास सावर्ला के जंगल में प्रेमिला अरुण वाटगुरे (उम्र 46) की बाघ के हमले में मौत हो गयी थी। वह जलाने के लिए सूखी लकडियां चुनने जंगल में गई थी। इसी दिन नंदा बनसोड (उम्र 60) को बाघ ने हमला कर गंभीर रुप से घायल कर दिया था। वह सिंदेवाही के भेंडाला गांव की थी।

लकड़ियां चुनने जाने पर उसपर बाघ ने हमला किया था। इस तरह से चंद्रपुर जिले में बाघ समेत अन्य वन्यजीवों के खूनी हमले जारी है। रविवार को सामने आयी घटना जिले की बारहवीं बली बताया जाता है। लगातार वन्यजीवों के हमलों में हो रही लोगों की मौतों से वनविभाग के खिलाफ लोगों के मन में असंतोष तीव्र हो रहा है।

महुआ फूल के सीजन में खतरा

अभी महुआ फूल का सीजन है। गरीब ग्रामीणों को गांव में मिलनेवाला हक के रोजगार के रुप में इसे देखा जाता है। ऐसे में नागरिकों की सुरक्षा हेतु कम से कम वन्यजीवों की गतिविधिवाले संवेदनशील इलाकों को पहचान कर अवगत कराना जरुरी है।

नागभीड, सिंदेवाही व ब्रम्हपुरी संवेदनशील

बताया जाता है कि बाघ और अन्य वन्यजीवों के हमलों की दृष्टि से नागभीड, सिंदेवाही व ब्रम्हपुरी तहसीलें बेहद संवेदनशील बनी हुई है। इन तहसीलों में ही अब तक सर्वाधिक हमले हुए है। ब्रम्हपुरी में तो लोगों ने वनविभाग के खिलाफ आंदोलन मोर्चा निकाला था।

वनविभाग के सूत्रों की मानें तो जंगल के अनुपात में इस परिसर में वन्यजीवों की संख्या बढ़ गई है। उसपर अब पानी व शिकार की तलाश में वन्यजीव गांवों का रुख करते है। जानकारों की माने तो वन्यजीव इसके लिए गांवों के पास ही अपना डेरा जमाना पसंद करते है। ऐसे में वनविभाग की जिम्मेदारी व मुश्किलें भी बढ़ती दिखाई दे रही है।

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