

Nagpur Airport Flight Cancellations: उपराजधानी नागपुर के डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए आने वाले दिन मुश्किल भरे हो सकते हैं। हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा नागपुर एयरपोर्ट के GMR प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिलने के कुछ ही दिनों बाद, यहाँ से संचालित होने वाली प्रमुख एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों में भारी कटौती शुरू कर दी है। 1 जून से कई महत्वपूर्ण शहरों के लिए उड़ानें निलंबित या रद्द होने जा रही हैं।
नागपुर से उड़ानों के रद्द होने के पीछे ऑपरेशनल बाधाओं का हवाला दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और तनाव एक बड़ा कारण है। युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में भारी उछाल आया है। ईंधन की बढ़ती लागत ने एयरलाइंस के मुनाफे पर असर डाला है। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कई अंतरराष्ट्रीय रूट बदले गए हैं या एयरस्पेस पर पाबंदियां लगी हैं। इससे विमानों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे ईंधन की खपत और ऑपरेशनल लागत दोनों बढ़ गई हैं। यही कारण है कि एयरलाइंस अब कम मुनाफे वाले घरेलू रूटों पर उड़ानों की संख्या घटा रही हैं।
1 जून से अगस्त के बीच नागपुर से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों के लिए कनेक्टिविटी कम हो जाएगी:
समर वेकेशन और पीक ट्रैवल सीजन के दौरान उड़ानों की संख्या कम होने से डिमांड और सप्लाई का संतुलन बिगड़ना तय है। जानकारों का कहना है कि सीटों की संख्या कम होने से टिकट की कीमतों में 30% से 50% तक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है। नागपुर से मुंबई या दिल्ली जाने वाले यात्रियों को अब अंतिम समय में टिकट मिलना न केवल मुश्किल होगा, बल्कि यह काफी महंगा भी पड़ेगा।
एयरलाइंस ने इस कटौती के लिए बढ़ती लागत और परिचालन संबंधी सीमाओं को जिम्मेदार ठहराया है। प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों की पेशकश, कॉम्प्लिमेंट्री डेट चेंज या पूर्ण रिफंड देने का आश्वासन दिया गया है।