Nagpur AIIMS की मेस के खाने में निकले कीड़े और इल्लियां! मशरूम की सब्जी में मिला संदिग्ध 'स्पंजी' पदार्थ

Insects In Food: एम्स की मेस में परोसे गए भोजन में मरी हुई इल्लियां, मक्खियां और कीड़े मिलने से हड़कंप मच गया है। छात्रों ने खाने की गुणवत्ता और प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
Insects In Nagpur AIIMS Mess Food: नागपुर एम्स की मेस के खाने में निकले कीड़े और इल्लियां! मशरूम की सब्जी में मिला संदिग्ध 'स्पंजी' पदार्थ
नागपुर एम्स की मेस के खाने में निकले कीड़े और इल्लियां (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Insects In Nagpur AIIMS Mess Food: स्कूलों के मिड डे मील में कीड़े और इल्लियां मिलना आम बात है। कई बार छात्रों का समूह विषाक्त भोजन के कारण बीमार भी पड़ता है लेकिन अब यही लापरवाही अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में सामने आई है। मेस के खाने में इल्लियां और कीड़े मिले हैं। मशरूम की सब्जी में मशरूम की बजाय कुछ स्पंजी पदार्थ पाया गया।

छात्रों के खाने में निकला कीड़ा, मक्खी, इल्ली

नागपुर एम्स में विद्यार्थियों की संख्या के मुकाबले मेस की पर्याप्त सुविधा नहीं है। परिसर में 2 डायनिंग टेबल हैं। इनमें टेबल पर करीब 70 छात्र बैठकर खाना खा पाते हैं। यानी जगह की कमी पहले से ही बनी हुई है। बुधवार को स्नातक छात्रों की मेस में भोजन करते वक्त छात्रों को इल्ली दिखाई दी। यह इल्ली तेल में पूरी तरह फ्राई हो चुकी थी। वहीं फल के टुकड़े पर मरा हुआ कीड़ा मिला, जबकि सब्जी में मक्खी जैसा पाया गया। इतना ही नहीं, मशरूम की सब्जी में कुछ स्पंजी पदार्थ मिला। हालांकि कई छात्रों ने भोजन कर लिया था लेकिन जो भोजन कर रहे थे, उन्हें यह सब दिखने के बाद छोड़ दिया।

छात्रों ने लापरवाही पर उठाए सवाल

इस तरह की व्यवस्था पर छात्रों ने नाराजगी व्यक्त की है। एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की मेस में लापरवाही कई सवाल खड़े करती है। बताया जाता है कि मेस का कांट्रैक्ट हाल ही के दिनों में बदला गया है। यानी नई मेस शुरू की गई है। इस हालत में उम्मीद थी कि छात्रों को अच्छा भोजन मिल सकेगा। इस संबंध में एम्स के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन प्रतिसाद नहीं मिला।

फिलहाल यह मामला छात्रों के वाट्सएप ग्रुप पर खूब वायरल हो रहा है। वहीं छात्र एक दूसरे से पूछ रहे है कि ‘वेज’ में किस तरह का ‘नॉनवेज’ मिलाया जा रहा है। इस घटना ने मेस की क्वालिटी पर न केवल सवाल खड़े कर दिये हैं बल्कि समूची व्यवस्था ही कटघरे में आ गई है।

दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई

एम्स के डीन (स्टूडेंट वेलफेयर) डॉ. सिद्धार्थ दुभाषी ने बताया कि एम्स मेस का ठेका 1 फरवरी से एक नए ठेकेदार को दिया गया है। मेस का संचालन सभी नियमों का पालन करते हुए किया जा रहा है। हम उनकी हर गतिविधि पर नजर रखते हैं। स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाता है। खासकर रात में पूरी रसोई और मेस क्षेत्र की सफाई की जाती है। विभागाध्यक्ष भी छात्रों के साथ ही भोजन करते हैं। इसलिए छात्रों के भोजन में कीड़े-मकोड़े मिलने की आशंका शरारत हो सकती है। इस संबंध में अभी तक कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। फिर भी इस मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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