नागपुर-अहमदाबाद वाया रतलाम नई ट्रेन की मांग: उज्जैन-नागदा रूट से व्यापार और पर्यटन को मिलेगी नई ऊर्जा
नागपुर से अहमदाबाद के बीच रतलाम रूट पर नई एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की मांग। इससे व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक संपर्क को मिलेगा नया आयाम।
Nagpur Ahmedabad New Train: नागपुर से अहमदाबाद के बीच रतलाम होकर नई एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की मांग तेज होने लगी है। यात्रियों और व्यापारिक संगठनों का कहना है कि यदि यह ट्रेन इटारसी, भोपाल, उज्जैन और नागदा होते हुए अहमदाबाद तक चलाई जाती है तो हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिल सकता है। साथ ही यह रूट व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक संपर्क को भी नई गति देगा।
वर्तमान में नागपुर से रतलाम के लिए कोई सीधी ट्रेन सेवा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यात्रियों को उज्जैन या नागदा में ट्रेन बदलनी पड़ती है, जबकि कई यात्रियों को इंदौर तक बस से लंबा और थकाऊ सफर करना पड़ता है। इससे यात्रियों को काफी असुविधा होती है।
गुजरात के कई शहर सीधे जुड़ेंगे
फिलहाल नागपुर से अहमदाबाद जाने वाली ट्रेनें भुसावल, जलगांव, सूरत, अंकलेश्वर, भरूच और वडोदरा होकर चलती हैं। इस वजह से अहमदाबाद के आगे के कई शहर सीधे तौर पर नागपुर से नहीं जुड़ पाते।
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यदि नई ट्रेन उज्जैन और नागदा मार्ग से चलाई जाती है तो नागपुर के यात्री रतलाम, दाहोद, गोधरा, आनंद और नाडियाड जैसे महत्वपूर्ण शहरों से सीधे जुड़ सकेंगे। इस रूट का एक बड़ा फायदा यह भी होगा कि यात्रियों को महाकाल की नगरी उज्जैन जाने के लिए एक और सुविधाजनक विकल्प मिल जाएगा। इसके अलावा इस मार्ग से जुड़े कई शहर व्यापारिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण हैं।
दूरी और समय में ज्यादा अंतर नहीं
- वर्तमान में नागपुर से सूरत मार्ग से अहमदाबाद की दूरी लगभग 957 किलोमीटर है।
- इस मार्ग से ट्रेनों को सफर पूरा करने में 15 से 17 घंटे 35 मिनट तक का समय लगता है।
- यदि ट्रेन नागपुर से उज्जैन और नागदा होते हुए अहमदाबाद तक चलाई जाती है तो दूरी केवल करीब 69 किलोमीटर ही बढ़ेगी।
- ऐसे में पूरा सफर लगभग 17 से 18 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
- रेल यात्रियों का मानना है कि इस रूट पर एक्सप्रेस ट्रेन शुरू होने से नागपुर, मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा और हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
ऐसे जुड़ेगा पूरा क्षेत्र, मिलेगा फायदा
- नागपुर: संतरा नगरी के नाम से प्रसिद्ध नागपुर अपने रसीले संतरों, जीरो माइल स्टोन और दीक्षाभूमि जैसे ऐतिहासिक स्थलों के लिए जाना जाता है। यह कई टाइगर रिजर्व का प्रवेश द्वार होने के साथ महाराष्ट्र का प्रमुख शैक्षणिक और औद्योगिक केंद्र भी है।
- उज्जैन: महाकाल की नगरी उज्जैन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। यहां स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, महाकाल लोक कॉरिडोर और शिप्रा नदी के तट पर होने वाली आरती देश-विदेश के श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है।
- रतलाम: नमकीन की नगरी रतलाम अपनी प्रसिद्ध रतलामी सेव, सोना-चांदी के व्यापार और प्रमुख रेलवे जंक्शन के रूप में पहचाना जाता है। यहां सैलाना कैक्टस गार्डन और धोलावड़ डैम जैसे आकर्षण भी हैं।
- दाहोद: मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमाओं के पास स्थित दाहोद अपनी आदिवासी संस्कृति और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है।
- गोधरा: पूर्वी गुजरात का यह शहर एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है। यहां से करीब 45 किलोमीटर दूर यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल चंपानेर–पावागढ़ पुरातत्व पार्क पर्यटकों के लिए बड़ा आकर्षण है।
- आनंद: भारत की दुग्ध राजधानी कहे जाने वाले आनंद में अमूल का मुख्यालय स्थित है। यह श्वेत क्रांति का प्रमुख केंद्र रहा है।
- नाडियाड: सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्मस्थान नाडियाड अध्यात्म, इतिहास और व्यापार का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।
- अहमदाबाद: यूनेस्को विश्व धरोहर शहर अहमदाबाद साबरमती आश्रम, ऐतिहासिक मस्जिदों, टेक्सटाइल उद्योग और जीवंत सांस्कृतिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है।
समय की मांग है यह ट्रेन
शहर के व्यापारी हरिभाई त्रिवेदी ने कहा कि इस रूट पर कम से कम एक ट्रेन अब समय की मांग बन चुकी है। नागपुर से अहमदाबाद के लिए नया मार्ग मिलने से व्यापार और व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि नागदा से अहमदाबाद तक ट्रेन चलाना संभव नहीं है तो कम से कम रतलाम तक एक साप्ताहिक ट्रेन शुरू की जानी चाहिए, जिससे हजारों यात्रियों और शहर के व्यापारिक क्षेत्र को लाभ मिल सके।
