नागपुर न्यूज
Anti Corruption Bureau Nagpur: एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने जिला परिषद के एक अधिकारी के घर कार्रवाई के लिए छापा मारा लेकिन टीम बिना कार्रवाई किए ही लौट गई। ऐसे में एसीबी का ‘ट्रैप’ फेल रहा या ‘सेट’ हुआ इसे लेकर असमंजस की स्थिति है। यदि ट्रैप सेट हुआ है तो किस अधिकारी पर गाज गिरी होगी इस बात की चर्चा जिला परिषद और निर्माण विभाग में चल रही है।
जिला परिषद के नये भवन में कुछ विभाग चर्चा में हैं। कुछ अधिकारियों ने शिकायत की है। मार्च में खुद सीईओ विनायक महामुनि ने भी पुलिस विभाग से मदद मांगी थी। एसीबी ने कार्यालय में पंचायत विभाग, जल आपूर्ति और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को हिरासत में लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसीबी की एक टीम ने पहले भी बिना किसी को सूचित किए यहां एक विभाग में दो-चार बार छापेमारी की थी लेकिन वे असफल रहे। चर्चा थी कि यह कार्रवाई ‘लीक’ हुई थी। सूत्रों के अनुसार इस बार शिकायत वरिष्ठ स्तर पर की गई थी, इसलिए कार्रवाई की जिम्मेदारी दूसरे जिले की एक टीम को दी गई थी।
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यह अनुमान लगाया गया था कि कार्रवाई कार्यालय में होगी लेकिन टीम सीधे संबंधित अधिकारियों के घर पहुंच गई। हालांकि एसीबी की टीम बिना कार्रवाई किए लौट आई। इस बारे में कई चर्चाएं हैं। चर्चा है कि इस मामले में एक बड़े नेता का भी फोन आया था। एसीबी का ‘जाल’ फेल नहीं हुआ बल्कि ‘सेट’ हुआ। इसमें एक अधिकारी की अहम भूमिका थी।