1,000 करोड़ वसूलने निकली नागपुर मनपा, हाथ आए सिर्फ 40 करोड़, 400 कर्मचारियों की मेहनत पर सवाल

Nagpur Property Tax: नागपुर नगर निगम का संपत्ति कर वसूली अभियान पूरी तरह विफल रहा। 1,000 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 400 कर्मचारियों की टीम 40 दिन में महज 40 करोड़ ही वसूल पाई।
NMC Tax Collection Campaign
जिले में सम्पत्ति कर वसूलीप्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स- AI
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NMC Tax Collection Campaign: नागपुर जिले में सम्पत्ति कर वसूली के अब तक के इतिहास में मनपा द्वारा चलाए गए अभियान विफल ही रहे हैं। इसी क्रम में फिर एक अभियान विफल होने की जानकारी उजागर हो रही है।

इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले कुछ वर्षों से सम्पत्तिधारकों पर चल रहे 2,400 करोड़ में से 1,000 करोड़ रुपए वसूल करने के लिए मनपा ने कमर कस ली थी। यहां तक कि इस वसूली के लिए प्रशासन ने 400 कर्मचारियों की फौज मैदान में उतारी थी किंतु आलम यह रहा कि 20 अगस्त से 30 सितंबर तक के इस अभियान में मनपा मात्र 40 करोड़ ही वसूल कर पाया है।

नागपुर मनपा के कर संग्राहकों की विशेष समीक्षा बैठक

विशेषतः अभियान के तहत बकायेदार व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बैंक खाते फ्रीज करने के साथ-साथ उनके नल और सीवर कनेक्शन सीधे काटने के कड़े निर्देश दिए थे। वसूली अभियान को हर हाल में सफल बनाने की दिशा में वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से बाकायदा मनपा के कर संग्राहकों की एक विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी।

इस महत्वपूर्ण बैठक में मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर ने सभी 10 जोनों के सहायक आयुक्त, कर संग्राहक और अन्य कर्मचारियों को प्रत्येक जोन कार्यालय द्वारा बकाया कर वसूली को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की सख्त हिदायत दी गई थी किंतु आलम यह रहा कि लक्ष्मीनगर, नेहरूनगर और मंगलवारी जोन को छोड़कर कोई भी जोन 5 करोड़ का आंकड़ा पार नहीं कर पाया है।

इस तरह रहा वसूली अभियान

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गांधीबाग और धंतोली जोन सबसे फिसड्डी

नागपुर मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर के कड़े निर्देश होने के बावजूद गांधीबाग और धंतोली जोन वसूली अभियान में सबसे फिसड्डी साबित हुए है। जहां गांधीबाग-महल जोन में केवल 1.41 करोड़ की वसूली हो पाई वहीं दूसरी ओर धंतोली जोन में मात्र 1.44 करोड़ की ही वसूली हो पाई है।

जानकारों की माने तो अब इन दोनों जोन के सहायक आयुक्तों पर गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है। कुछ लोगों का मानना है कि विशेष रूप से गांधीबाग जोन में वसूली अभियान में काफी हद तक राजनीतिक दखलंदाजी होती रही है।

यही कारण रहा कि गांधीबाग जोन मै वसूली पर असर पड़ा है। कितु धंतोली जोन के सहायक आयुक्त की ओर से आवश्यकता अनुसार अभियान को गंभीरता से नहीं लिया गया।।

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