नागपुर मनपा बजट पर आचार संहिता की मार, नई योजनाओं पर रोक; MLC चुनाव ने बिगाड़ा सियासी गणित

Nagpur Municipal Budget: नागपुर मनपा का पहला बजट आचार संहिता की भेंट चढ़ गया। चुनाव आयोग ने मंजूरी तो दी, लेकिन नई योजनाओं की घोषणा पर रोक से सत्तापक्ष की चिंता बढ़ गई।
Code of Conduct Hits Nagpur Municipal Corporation Budget: New Schemes Put on Hold; MLC Elections Upset Political Calculations
नागपुर मनपा बजट, आचार संहिता, (सोर्स: सौजन्य AI)
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Nagpur Municipal Budget MLC Election: नागपुर मनपा में प्रशासक राज के 4 वर्षों के बाद स्थापित हुई सत्ता का पहला बजट पेश करने को लेकर भले ही मनपा में माहौल गरमाया रहा हो लेकिन अचानक विधान परिषद सदस्य के चुनाव को लेकर लगी आचार संहिता के चलते बजट पेश नहीं हो पाया। चुनाव आयोग से अनुमति के लिए भेजे गए पत्र का बुधवार को जवाब तो मिला किंतु चुनाव आयोग से मिली मंजूरी के अनुसार बजट में प्रस्तावित किसी भी योजना की घोषणा नहीं की जा सकेगी। शतों के आधार पर दी गई अनुमति से फिर एक बार सत्तापक्ष के माथे पर बल पड़ने लगे हैं। बुधवार को मनपा में सत्तापक्ष की बैठक भी हुई। बताया जाता है कि अब बजट किस तरह से पेश किया जाए इसे लेकर गुरुवार या फिर शुक्रवार को कुछ चुनिंदा वरिष्ठ पार्षदों की बैठक होगी जिसमें इसका निर्णय लिया जाएगा।

केवल 72 घंटों की मिली अनुमति

चुनाव आयोग से मिली अनुमति के अनुसार 72 घंटे के भीतर मनपा का आम बजट पेश किया जा सकेगा जिसमें किसी योजना की घोषणा नहीं हो पाएगी। यहां तक कि केवल बजट की आय और खर्च का विवरण ही पेश किया जा सकेगा। काफी जटिल शर्तें और सीमित विवरण का उल्लेख करने के साथ बजट देने की अनुमति मिलने के कारण अब सत्तापक्ष द्वारा वरिष्ठों के साथ मंधन किया जा रहा है। सत्तापक्ष का मानना है कि यदि इस तरह की शर्ते लागू की गई हों तो बजट पेश करने का कोई औचित्य ही नहीं बनता है।

बजट पर चर्चा भी नहीं होगी

सूत्रों के अनुसार अब चुनाव आयोग की ओर से मिली अनुमति के बाद बजट के लिए पुन विशेष सभा का नोटिस जारी किया जाएगा। चूंकि विशेष सभा के लिए 3 दिनों कर समय देना अनिवार्य है।

ऐसे में अगले सप्ताह ही बजट पेश होने की उम्मीद की जा रही है। चुनाव आयोग की शर्तों के अनुसार केवल मनपा की आय और खर्च का विवरण ही पेश होना है।

ऐसे में बजट पर चर्चा भी नहीं हो पाएगी, यदि बजट पर चर्चा नहीं हो सकती है तो पार्षद इसमें किस आधार पर सुधार का सुझाव देंगे? ऐसे में पूरे बजट की प्रक्रिया ही खतरे में होगी।

जून तक अटका रहेगा क्रियान्वयन

सूत्रों के अनुसार भले ही चुनाव आयोग की अनुमति मिलने के कारण अगले सप्ताह ही बजट पेश हो लेकिन इसका क्रियान्वयन आचार संहिता खत्म होने के बाद ही हो सकेगा। नियमों के अनुसार मनपा की सभा में बजट पेश होने के बाद चर्चा के दौरान पार्षदों की ओर से दिए गए सुझावों को शामिल कर बजट को मंजूरी दी जाती है जिसके बाद इसका क्रियान्ववन शुरू होता है।

बजट में विभाग अनुसार निधि का भले ही वितरण तय हो लेकिन निधि आवंटन के अनुसार उसे मंजूरी स्थायी समिति की बैठक में ही होती है, आचार संहिता लागू होने के कारण अब स्थायी समिति की बैठक पर भी ग्रहण लगा हुआ है। ऐसे में बजट मंजूर होने के चावजूद निधि का आवंटन नहीं हो पाएगा।

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